उत्तराखंड

​सफाई कर्मचारियों को 10 लाख का बीमा कवर और समान वेतन की तैयारी: उपाध्यक्ष मकवाना के कड़े निर्देश

​सफाई कर्मचारियों को 10 लाख का बीमा कवर और समान वेतन की तैयारी: उपाध्यक्ष मकवाना के कड़े निर्देश

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने बुधवार को सचिवालय स्थित आपदा निवारण एवं प्रबंधन केंद्र (डीएमएमसी) में स्वच्छता कर्मचारियों के हितों को लेकर एक अहम बैठक की। बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें बीमा राशि को दोगुना करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने पर मुख्य रूप से बल दिया गया।

​जोखिम भत्ता और बीमा में बढ़ोतरी

​उपाध्यक्ष मकवाना ने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनका कार्य जोखिम भरा है। इसे देखते हुए उन्होंने शासन को निर्देश दिए कि:

​बीमा कवर: स्वच्छता कर्मचारियों का बीमा कवर 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाए।

​वेतन समानता: उनका वेतन उपनल (UPNL) और पीआरडी (PRD) कर्मचारियों के समान सुनिश्चित किया जाए।

​ऋण माफी: सफाई कर्मचारियों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफी के संबंध में प्रभावी कार्यवाही की जाए।

​नियमितीकरण और श्रेणी सुधार

​निकायों में कार्यरत मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के भविष्य को लेकर उपाध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों को भी श्रम विभाग के मानकों के अनुसार ‘कुशल’ एवं ‘अर्ध-कुशल’ श्रेणी में रखने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

​तकनीक पर जोर: सीवर की सफाई अब रोबोट से

​मैन्युअल स्कैवेंजिंग (हाथ से मैला ढोने) जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए उपाध्यक्ष ने जल संस्थान को रोबोटिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन की सफाई के लिए रोबोट का प्रदर्शन (डेमो) जल्द कराया जाए, ताकि कर्मचारियों को जानलेवा जोखिम से बचाया जा सके।

​उपनल कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर

​मेडिकल कॉलेज एवं दून अस्पताल में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के संबंध में उन्होंने “समान कार्य के लिए समान वेतन” के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। कॉलेज प्रबंधन ने शासन से दिशा-निर्देश लेकर जल्द लाभ देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, नगर निगम देहरादून के 715 आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रस्ताव पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए शासन से अनुरोध किया गया।

​बैठक में ये रहे उपस्थित

​समीक्षा बैठक में अनुसूचित जाति जनजाति उपयोजना के सदस्य जयपाल वाल्मीकि, अपर सचिव श्याम सिंह, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय कुमार आर्या, पेयजल महाप्रबंधक प्रणय पुरोहित सहित शहरी विकास विभाग और विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

​मुख्य निर्देश एक नजर में:

​बीमा कवर 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करना।

​उपनल/पीआरडी के समान वेतन का निर्धारण।

​सीवर सफाई में रोबोटिक तकनीक का अनिवार्य उपयोग।

​1 लाख रुपये तक के कर्ज की माफी पर कार्यवाही।

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