अन्तर्राष्ट्रीय

​होर्मुज स्ट्रेट में भारी तनाव: ईरान ने भारत आ रहे जहाज समेत 2 को बनाया बंधक, की ताबड़तोड़ गोलीबारी

यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्ग से जुड़ी एक बेहद चिंताजनक खबर है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापार मार्गों में से एक है, जहाँ तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।

​होर्मुज स्ट्रेट में भारी तनाव: ईरान ने भारत आ रहे जहाज समेत 2 को बनाया बंधक, की ताबड़तोड़ गोलीबारी

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (Ceasefire) के प्रयासों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर पहुँच गया है। बुधवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग से गुजर रहे तीन कंटेनर जहाजों पर हमला कर दिया। इस हमले में ईरान ने भारत की ओर आ रहे एक जहाज समेत दो को अपने कब्जे में ले लिया है। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में शांति वार्ता पर अनिश्चितता के बादल गहरा दिए हैं।

​भारत आ रहे ‘एपामिनोंडास’ पर सबसे पहले हमला

​जहाज-ट्रैकिंग डेटा ‘VesselFinder’ के अनुसार, लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज ‘एपामिनोंडास’ ने अपना गंतव्य भारत बताया था। ओमान से 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में ईरान की एक गन बोट ने इस पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे जहाज के ‘कमांड सेंटर’ को भारी नुकसान पहुँचा है। ईरान ने इस जहाज को फिलहाल अपने कब्जे में ले लिया है।

​इन जहाजों को बनाया गया निशाना

​ईरानी मीडिया ने उन तीन जहाजों की पहचान की है जिन पर हमला हुआ:

​एपामिनोंडास (लाइबेरिया): भारत की ओर आ रहा था (बंधक बनाया गया)।

​MSC फ्रांसेस्का (पनामा): श्रीलंका के हम्बनटोटा की ओर जा रहा था (बंधक बनाया गया)।

​यूफोरिया: इसका गंतव्य जेद्दा था (हमले में क्षतिग्रस्त)।

​ईरान का दावा बनाम समुद्री सूत्र

​ईरान ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा है कि इन जहाजों ने ‘समुद्री नियमों’ का उल्लंघन किया और बार-बार दी जा रही चेतावनियों को नजरअंदाज किया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सूत्रों का कहना है कि कम-से-कम एक जहाज के पास गुजरने की पूर्व अनुमति थी। इस गोलाबारी में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

​भारतीय जहाजों पर पहले भी हुई फायरिंग

​जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल के अनुसार, स्थिति काफी गंभीर है। पिछले सप्ताह भी दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ 18 अप्रैल को सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुका है और जल्द ही मुंबई पहुँचने वाला है।

​सामरिक चिंताएँ और अनिश्चितता

​होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस कार्रवाई ने वैश्विक सप्लाई चेन और अमेरिका-ईरान शांति प्रयासों को बड़ा झटका दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आ रहे जहाज को बंधक बनाना भारतीय हितों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर नई दिल्ली की पैनी नजर है।

​मुख्य बिंदु:

​क्षेत्र: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)।

​कार्रवाई: IRGC द्वारा जहाजों पर गोलीबारी और दो को बंधक बनाना।

​असर: भारत की ओर आने वाले कार्गो और वैश्विक व्यापार मार्ग में बाधा।

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