राजनीति

चुनावी घमासान: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘आतंकवादी’ वाले बयान पर EC का सख्त रुख, 24 घंटे में मांगा जवाब

चुनावी घमासान: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘आतंकवादी’ वाले बयान पर EC का सख्त रुख, 24 घंटे में मांगा जवाब

चुनाव आयोग (ECI) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी का कड़ा संज्ञान लिया है। तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री को कथित तौर पर “आतंकवादी” कहने के मामले में आयोग ने खड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आदर्श आचार संहिता (MCC) के उल्लंघन का हवाला देते हुए आयोग ने उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए महज 24 घंटे का समय दिया है।

​बीजेपी का डेलिगेशन पहुंचा आयोग के द्वार

​बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मिला, जिसमें निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। बीजेपी ने खड़गे के बयान को ‘शर्मनाक’ और ‘लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध’ बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।

​किरेन रिजिजू का बयान: उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा भारतीय राजनीति में अभूतपूर्व है और यह चुनावी विमर्श के स्तर को गिराती है।

​शाह का पलटवार: “राहुल बाबा के साथ रहकर बिगड़ी भाषा”

​केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के दमदम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा:

​”आतंकवाद को खत्म करने वाले प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा का उपयोग करना सार्वजनिक आचरण की सभी सीमाओं को लांघना है। राहुल बाबा के आसपास रहने से खड़गे जी की भाषा भी बिगड़ने लगी है। आप जितनी गालियां देंगे, कमल उतना ही शान से खिलेगा।” शाह ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि कांग्रेस को तमिलनाडु, बंगाल और असम में करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

​खड़गे की सफाई: “इशारा टैक्स आतंकवाद की ओर था”

​विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। खड़गे के अनुसार, उनका संदर्भ प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व से नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों (ED, CBI, IT) के दुरुपयोग और “टैक्स आतंकवाद” की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डरा-धमकाकर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।

​चुनावी माहौल पर असर

​यह विवाद ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयानों से चुनावी ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है। अब सबकी नजरें खड़गे के जवाब और चुनाव आयोग द्वारा ली जाने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

​प्रमुख घटनाक्रम

​विवादित बयान: तमिलनाडु की जनसभा में खड़गे ने प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की।

​बीजेपी की शिकायत: निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग।

​EC का एक्शन: खड़गे को नोटिस जारी, 24 घंटे की समयसीमा।

​राजनीतिक वॉर: अमित शाह ने बंगाल से दिया कड़ा जवाब।

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