आसमान से बरस रही आग: महाराष्ट्र में लू से 7 की मौत, दिल्ली समेत कई राज्यों में ‘येलो अलर्ट’ जारी
आसमान से बरस रही आग: महाराष्ट्र में लू से 7 की मौत, दिल्ली समेत कई राज्यों में ‘येलो अलर्ट’ जारी
देश के बड़े हिस्से में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर और मध्य भारत के साथ-साथ दक्षिण के राज्य भी भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जहां अब तक हीटस्ट्रोक के कारण 7 लोगों की जान जा चुकी है और 31 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने ‘हीट एक्शन प्लान’ लागू कर दिया है।
महाराष्ट्र: खेतों में काम करते हुए थमीं सांसें
महाराष्ट्र में गर्मी का सबसे घातक असर किसानों और मजदूरों पर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में हुई 7 मौतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है:
वाशिम: 43 डिग्री तापमान में खेत में काम कर रहे 25 वर्षीय गोपाल ठाकरे की उमस और लू से मौत हो गई।
लातूर व अहिल्यानगर: खेत में काम करते समय चक्कर आने से दो किसानों और एक महिला किसान की जान चली गई।
अकोला व जलगांव: भीषण गर्मी के चलते एक ऑटो चालक और एक मजदूर ने दम तोड़ दिया।
सोलापुर: 67 वर्षीय बुजुर्ग किसान की घबराहट और पसीने के कारण मौत हो गई।
प्रशासन ने अकोला, अमरावती, जलगांव और नागपुर समेत 15 जिलों में अलर्ट जारी किया है। अकोला में दोपहर 12 से 5 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का सुझाव दिया गया है ताकि लोग धूप में न खड़े रहें।
देशभर का हाल: दिल्ली में 44 डिग्री का अनुमान
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार से शुक्रवार तक भीषण लू चलने की संभावना है। पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
राजस्थान: गंगानगर, हनुमानगढ़ और धौलपुर समेत कई जिलों में 23 अप्रैल से हीटवेव का अलर्ट है।
ओडिशा: 14 स्थानों पर तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल व बिहार: यहां भी 21-22 अप्रैल को भीषण गर्मी का पूर्वानुमान है।
स्कूलों के समय में बदलाव और अस्पतालों में विशेष तैयारी
बढ़ते खतरे को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है:
अमरावती: स्कूल और आंगनवाड़ी अब केवल सुबह 7 से 10 बजे तक खुलेंगे।
नागपुर: स्कूल सुबह 10:30 बजे तक ही चलेंगे।
अकोला: कोचिंग क्लास और कॉलेज 11 बजे के बाद बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
अस्पतालों में ‘हीटस्ट्रोक वॉर्ड’ तैयार किए गए हैं। अकोला जिला अस्पताल में 14 बेड का स्पेशल रूम बनाया गया है, वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
हीटस्ट्रोक को ‘प्राकृतिक आपदा’ घोषित करने की मांग
पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि हीटस्ट्रोक को प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) की श्रेणी में शामिल किया जाए। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की भी अपील की है।
सावधानी ही बचाव है: मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, अधिक पानी पिएं और सूती कपड़े पहनें।
