UP: स्मार्ट मीटर का जीरो बैलेंस होने पर भी बाधित नहीं होगी बिजली, पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर भी रोक
UP: स्मार्ट मीटर का जीरो बैलेंस होने पर भी बाधित नहीं होगी बिजली, पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर भी रोक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत देते हुए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब स्मार्ट मीटर का बैलेंस जीरो (शून्य) हो जाने पर भी बिजली आपूर्ति तुरंत बाधित नहीं होगी। साथ ही, पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एकेए शर्मा ने शक्ति भवन, लखनऊ में समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने तक यह रोक बरकरार रहेगी।
जीरो बैलेंस पर नई राहत
2 किलोवाट भार तक के उपभोक्ताओं के लिए: बैलेंस जीरो होने पर भी अधिकतम 3 दिन या ₹200 तक की नेगेटिव लिमिट तक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
इससे उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने का पर्याप्त समय मिलेगा, खासकर रात के समय या छुट्टियों में कटौती से बचाव होगा।
पहले की व्यवस्था में बैलेंस खत्म होते ही स्वतः कनेक्शन कट जाता था, जिससे कई उपभोक्ता परेशान थे।
पुराने मीटर बदलने पर रोक
पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदलने का काम तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
यह रोक आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत लगाई गई है।
तकनीकी समिति (चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी) की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी पुराना मीटर जबरन या स्वेच्छा से नहीं बदला जाएगा।
हालांकि, नए कनेक्शन अभी भी स्मार्ट मीटर के साथ ही दिए जाएंगे।
फैसले के पीछे का कारण
उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता, बैलेंस अपडेट में देरी, अनचाही कटौती और जबरन बदलाव को लेकर कई मामले सामने आए थे। मंत्री ने सभी डिस्कॉम (बिजली वितरण निगमों) को निर्देश दिए कि उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता UPPCL Smart ऐप के जरिए बैलेंस चेक करें और समय पर रिचार्ज करें।
कम बैलेंस होने पर SMS अलर्ट मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।
कोई समस्या हो तो हेल्पलाइन 1912 या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें।
यह फैसला लाखों स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं (वर्तमान में प्रदेश में करीब 78 लाख से अधिक लगे हुए हैं) को राहत देगा। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की नीति तय की जाएगी, जिसमें उपभोक्ता की सहमति और पारदर्शिता पर जोर दिया जाएगा।
UPPCL के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय गर्मी के बढ़ते मौसम में उपभोक्ताओं के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा।
