उत्तर कोरिया का मिसाइल तांडव: जापान में ‘नेशनल इमरजेंसी’, वैश्विक स्तर पर बढ़ा तनाव
उत्तर कोरिया का मिसाइल तांडव: जापान में ‘नेशनल इमरजेंसी’, वैश्विक स्तर पर बढ़ा तनाव
टोक्यो/सियोल: दुनिया पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ती नाकाबंदी और तनाव को देख रही थी, कि तभी उत्तर कोरिया ने एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इस उकसावे वाली कार्रवाई के तुरंत बाद जापान सरकार ने ‘नेशनल इमरजेंसी’ (राष्ट्रीय आपातकाल) की घोषणा कर दी है।
प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में
मिसाइल परीक्षण: उत्तर कोरिया के सिन्पो क्षेत्र से समुद्र की ओर कई छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
दूरी: दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, इन मिसाइलों ने पूर्वी समुद्र में लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय की।
जापान की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर तत्काल राष्ट्रीय आपातकाल का ऐलान किया।
आईएईए की चेतावनी: यह परीक्षण संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन की उस चेतावनी के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों के विकास में “अत्यंत गंभीर” प्रगति कर रहा है।
प्योंगयांग की बढ़ती सैन्य ताकत और तकनीक
विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ये मिसाइलें पनडुब्बी (Submarine) से दागी गई हैं। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह चार वर्षों में उत्तर कोरिया का पहला सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) परीक्षण होगा।
चिंता का विषय: पनडुब्बी से मिसाइल दागने की क्षमता उत्तर कोरिया के दुश्मनों के लिए खतरे को और बढ़ा देती है, क्योंकि ऐसी मिसाइलों का पहले से पता लगाना बेहद मुश्किल होता है। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष ही किम जोंग उन ने एक परमाणु-संचालित पनडुब्बी के निर्माण का खुलासा किया था।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका का रुख
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के भारत और वियतनाम दौरे से ठीक पहले हुए इस हमले ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
आपात बैठक: दक्षिण कोरिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की बैठक बुलाकर इन परीक्षणों को तुरंत रोकने की मांग की है।
अमेरिकी प्रतिबद्धता: अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सहयोगियों (जापान और दक्षिण कोरिया) की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
त्रिकोणीय सहयोग: दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान लगातार खुफिया जानकारी साझा कर रहे हैं ताकि किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
कूटनीतिक समीकरण और भविष्य की रणनीति
यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज है:
ट्रंप-किम कूटनीति: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ दोबारा कूटनीति शुरू करने की इच्छा जताई है, लेकिन किम परमाणु निरस्त्रीकरण की शर्त हटाने पर अड़े हैं।
चीन का रुख: ट्रंप मई में बीजिंग में शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक करने वाले हैं। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया इन परीक्षणों के जरिए भविष्य की वार्ताओं में अपना हाथ मजबूत करना चाहता है।
निष्कर्ष: आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी द्वारा उत्तर कोरियाई परमाणु सुविधाओं में “तेज वृद्धि” की पुष्टि और इन ताजा मिसाइल परीक्षणों ने यह साफ कर दिया है कि किम जोंग उन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और चेतावनियों को दरकिनार कर अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में जुटे हैं।
