उत्तराखंड

​चारधाम यात्रा 2026: भुकुंट भैरव पूजन के साथ केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ

उत्तराखंड में आस्था के महापर्व चारधाम यात्रा का आगाज हो चुका है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया और यात्रा की तैयारियों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:

​चारधाम यात्रा 2026: भुकुंट भैरव पूजन के साथ केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ

​ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हो रहा है। इसी क्रम में, 18 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर (ऊखीमठ) में क्षेत्र रक्षक भुकुंट भैरव के विशेष पूजन के साथ केदारनाथ यात्रा का भी औपचारिक आगाज हो गया है।

​1. फूलों से महका ओंकारेश्वर मंदिर

​इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सहयोग से ओंकारेश्वर मंदिर को लगभग आठ क्विंटल विभिन्न प्रजातियों के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, भुकुंट भैरव की पूजा के दौरान नए अनाज का भोग लगाया गया और आगामी यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की गई।

​2. पंचमुखी डोली का प्रस्थान कार्यक्रम

​भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली का ऊखीमठ से धाम तक का सफर बेहद खास होने वाला है:

​19 अप्रैल: आर्मी बैंड की धुनों और जयकारों के बीच डोली ऊखीमठ से प्रस्थान करेगी।

​21 अप्रैल: विभिन्न पड़ावों से होते हुए डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी और भंडार गृह में विराजमान होगी।

​22 अप्रैल: सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे।

​3. सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा

​प्रशासन और मंदिर समिति यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर जुटी हुई है:

​पेयजल आपूर्ति: जल संस्थान ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक के 18 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर पानी की सप्लाई सुचारू कर दी है।

​एडवांस टीम: मंदिर समिति का एक विशेष दल केदारनाथ धाम में रुकने और दर्शन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहा है।

​व्यापारिक रौनक: यात्रा मार्ग के पड़ावों पर व्यापारियों के पहुंचने से बाजारों में रौनक लौटने लगी है।

​4. श्रद्धालुओं का उत्साह

​डोली यात्रा और पदयात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से सैकड़ों तीर्थयात्री ऊखीमठ पहुंच चुके हैं। मंदिर समिति के सदस्य डीएस भुजवाण और मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट ने पुष्टि की है कि सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

​विशेष नोट: चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को स्वास्थ्य नियमों का पालन करने और गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी गई है।

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