उत्तराखंड

​चारधाम यात्रा 2026: घोड़े-खच्चरों के लिए सख्त नियम, धामों में माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी भारी पेनल्टी

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 को लेकर शासन-प्रशासन ने कमर कस ली है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देशों और रुद्रप्रयाग पुलिस की तैयारियों के आधार पर खबर इस प्रकार है:

​चारधाम यात्रा 2026: घोड़े-खच्चरों के लिए सख्त नियम, धामों में माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी भारी पेनल्टी

​देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से आस्था की प्रतीक चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पशुपालन विभाग और पुलिस प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

​1. घोड़े-खच्चरों के लिए ‘SOP’ और रेस्ट अनिवार्य

​पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि घोड़े-खच्चरों का इस्तेमाल तभी करें जब बहुत जरूरी हो। बेजुबान जानवरों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

​म्यूल टास्क फोर्स: केदारनाथ रूट पर 50 और यमुनोत्री रूट पर 10 लोगों की टास्क फोर्स तैनात की गई है, जो पशु क्रूरता पर नजर रखेगी।

​5 मिनट का रेस्ट: यात्रा मार्ग पर मौजूद पशु चिकित्सालयों में हर घोड़े-खच्चर को 5 मिनट का अनिवार्य विश्राम देना होगा।

​गर्म पानी की व्यवस्था: पैदल मार्गों पर पशुओं के लिए गर्म पानी और डॉक्टरों की टीम उपलब्ध रहेगी।

​सफलता का ग्राफ: मंत्री ने बताया कि साल 2022 में 250 घोड़ों की मौत हुई थी, जो बेहतर प्रबंधन के चलते साल 2025 में घटकर केवल 35 रह गई है।

​2. आस्था के केंद्रों पर मांस-मदिरा पर पूर्ण रोक

​कैबिनेट मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि धामों की मर्यादा भंग करने वालों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा:

​चारों धाम ‘पिकनिक स्पॉट’ नहीं बल्कि आस्था के केंद्र हैं।

​जो लोग बाबा केदार, बदरीनाथ और गंगा-यमुना में श्रद्धा नहीं रखते, उन्हें यहाँ नहीं आना चाहिए।

​धामों में मांस-मदिरा का सेवन या बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाएगा।

​3. ‘मित्र पुलिस’ का संकल्प: रुद्रप्रयाग पुलिस मुस्तैद

​केदारनाथ यात्रा को लेकर रुद्रप्रयाग की एसपी निहारिका तोमर ने रतूड़ा पुलिस लाइन में जवानों को ब्रीफ किया:

​अतिथि देवो भवः: पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ ‘मित्रता, सेवा और सुरक्षा’ के भाव से व्यवहार करेंगे।

​धैर्य और अनुशासन: जवानों को निर्देश दिए गए हैं कि भीड़ के दबाव में भी धैर्य न खोएं। गलत आचरण करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी।

​यातायात प्रबंधन: सोनप्रयाग और गुप्तकाशी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

​महत्वपूर्ण तिथियां: चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है, जबकि केदारनाथ धाम के लिए पुलिस की विशेष तैनाती 22 अप्रैल से प्रभावी होगी।

​निष्कर्ष: सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ यात्रा करें और पैदल मार्गों पर बेजुबान जानवरों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता न हो।

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