महिला सशक्तिकरण की दिशा में मारुति का बड़ा कदम: कारखानों में बढ़ी महिला कर्मचारियों की ताकत
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मारुति का बड़ा कदम: कारखानों में बढ़ी महिला कर्मचारियों की ताकत
नई दिल्ली: देश में महिला भागीदारी को बढ़ावा देने की चर्चाओं के बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी **मारुति सुजुकी** ने एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है। कंपनी ने अपने गुरुग्राम और मानेसर प्लांट्स में उत्पादन लाइनों (शॉपफ्लोर) पर महिलाओं की भूमिका को काफी बढ़ा दिया है।
पिछले दो वर्षों में कंपनी ने वाहन असेंबली, इंजन और ट्रांसमिशन जैसे कोर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में **190 से ज्यादा महिलाओं** को शॉपफ्लोर पर तैनात किया है। इन महिलाओं को पुरुष कर्मचारियों के समान ही ट्रेनिंग, जिम्मेदारियां और प्रदर्शन मूल्यांकन मिल रहा है। साथ ही करियर ग्रोथ के समान अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस कदम के साथ मारुति सुजुकी की कुल महिला कर्मचारियों की संख्या अब **1,300 से पार** हो गई है। पहले ये क्षेत्र पूरी तरह पुरुष-प्रधान माने जाते थे, लेकिन अब महिलाएं इंस्ट्रूमेंट पैनल असेंबली, डोर सब-असेंबली, क्वालिटी कंट्रोल और इंजन असेंबली जैसी तकनीकी भूमिकाओं में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
कंपनी ने इस पहल को सफल बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी अपग्रेड किया है। इसमें क्रेच सुविधा, आराम कक्ष और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था शामिल है, ताकि महिलाओं के लिए काम करने का माहौल और ज्यादा अनुकूल बने।
मारुति सुजुकी के इस फैसले को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में जेंडर डाइवर्सिटी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कंपनी आगे भी आईटीआई संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाकर महिलाओं को टेक्निकल ट्रेनिंग देने और उन्हें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने की योजना बना रही है।
यह पहल न सिर्फ कंपनी की विविधता को मजबूत करेगी, बल्कि भारतीय उद्योग जगत में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई देने में भी मददगार साबित होगी।
