आशा भोसले के निधन पर लोकसभा में जताया गया गहरा दुख, सदन ने दी एक मिनट की श्रद्धांजलि
आशा भोसले के निधन पर लोकसभा में जताया गया गहरा दुख, सदन ने दी एक मिनट की श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले के 92 वर्ष की आयु में निधन पर लोकसभा में गहरा शोक व्यक्त किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए आशा भोसले के अतुलनीय योगदान को याद किया और सदन ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आशा भोसले का निधन हो गया था। वे चेस्ट इंफेक्शन और मल्टी-ऑर्गन फेलियर से जूझ रही थीं। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
लोकसभा सत्र की शुरुआत में स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आशा भोसले ने दशकों तक अपनी अनूठी आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनकी गायकी ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया। सदन के सभी सदस्यों ने उनके सम्मान में खड़े होकर मौन रखा।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और उन्हें भारतीय संगीत की अमर आवाज बताया।
आशा भोसले का संक्षिप्त परिचय:
8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा भोसले ने हजारों गीत गाए।
लता मangeshkar की छोटी बहन।
पद्म विभूषण, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड समेत अनेक सम्मान प्राप्त।
‘दम मारो दम’, ‘ऊँचे से ऊँचा झूला’, ‘ये मेरे वतन के लोगो’ जैसे गीतों से अमर हुईं।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में राज्य सम्मान के साथ किया गया। उनके परिवार में बेटे आनंद भोसले और पोते-पोतियां शामिल हैं।
संगीत प्रेमी और देशवासी आज भी उनकी आवाज को याद कर भावुक हो रहे हैं। आशा भोसले की विरासत स्वरों में हमेशा जीवित रहेगी।
अलविदा आशा ताई… आपकी धुनें कभी नहीं रुकेंगी!
