उत्तराखंड में ‘मिशन 2027’ का आगाज़: 2 मई को नारसन में जयंत चौधरी की हुंकार; आरएलडी लड़ेगी विधानसभा चुनाव
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में अपनी जमीन मजबूत करने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्री और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के आगामी दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
उत्तराखंड में ‘मिशन 2027’ का आगाज़: 2 मई को नारसन में जयंत चौधरी की हुंकार; आरएलडी लड़ेगी विधानसभा चुनाव
राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने उत्तराखंड की सियासत में अपनी सक्रियता बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी आगामी 2 मई को हरिद्वार जिले के नारसन में एक विशाल किसान जनसभा को संबोधित करेंगे। इसी दिन से आरएलडी उत्तराखंड में होने जा रहे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियों का औपचारिक शंखनाद करेगी।
नारसन से शुरू होगी चुनावी बिसात
बुधवार को देहरादून पहुंचे आरएलडी खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तराखंड प्रभारी निरपाल सिंह ने बताया कि 2 मई को गुरुकुल नारसन के हरजौली गांव में भव्य जनसभा आयोजित की जाएगी।
कार्यकर्ताओं में उत्साह: पार्टी नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं।
रणनीति: कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए नुक्कड़ सभाओं और छोटी बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
मिशन 2027: 5 से 6 सीटों पर फोकस
आरएलडी भले ही केंद्र में एनडीए (NDA) का हिस्सा है, लेकिन उत्तराखंड में पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने की दिशा में काम कर रही है।
चुनावी लक्ष्य: निरपाल सिंह के अनुसार, आरएलडी उत्तराखंड की 5 से 6 महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
जनमुद्दों पर जोर: पार्टी का कहना है कि वे भाजपा के साथ गठबंधन में होने के बावजूद प्रदेश के स्थानीय मुद्दों और किसानों की समस्याओं से पीछे नहीं हटेंगे।
अगला पड़ाव: देहरादून में बड़ी रैली
जयंत चौधरी का उत्तराखंड दौरा केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार:
देहरादून रैली: जून या जुलाई के आसपास राजधानी देहरादून में एक विशाल रैली प्रस्तावित है।
संगठन विस्तार: 2 मई के दौरे के बाद से कार्यकर्ता हर गांव में जाकर लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का काम करेंगे।
क्या होगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जयंत चौधरी के आगमन से उत्तराखंड के मैदानी जिलों (खासकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर) में पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। किसान राजनीति के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले जयंत चौधरी की नजरें उन ग्रामीण और किसान बाहुल्य सीटों पर हैं, जहां आरएलडी अपना आधार बना सकती है।
”जयंत चौधरी के आने से उत्तराखंड आरएलडी में नई जान फूंकी जाएगी। हमारा लक्ष्य 2027 में पूरी मजबूती के साथ विधानसभा में दस्तक देना है।” — निरपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी, आरएलडी
नोट: आरएलडी की इस सक्रियता से उत्तराखंड के चुनावी समीकरणों में आने वाले समय में दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
