इजरायल को इटली का बड़ा झटका: पीएम मेलोनी ने रद्द किया ऐतिहासिक रक्षा समझौता, बढ़ी दूरियां
इजरायल को इटली का बड़ा झटका: पीएम मेलोनी ने रद्द किया ऐतिहासिक रक्षा समझौता, बढ़ी दूरियां
वेरोना/रोम: इजरायल और अमेरिका के लिए वैश्विक मंच पर मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते संघर्ष और ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अब इजरायल के सबसे करीबी यूरोपीय सहयोगियों में से एक, इटली ने अपने रक्षा संबंधों को निलंबित कर दिया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को घोषणा की कि उनकी सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा सहयोग समझौते के ‘स्वचालित नवीनीकरण’ (Automatic Renewal) पर रोक लगा दी है।
क्या था यह समझौता?
जिस समझौते को निलंबित किया गया है, उसकी नींव 2005-2006 में रखी गई थी। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी साझा करने और अत्याधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान का एक मजबूत ढांचा था।
नवीनीकरण की प्रक्रिया: यह समझौता हर 5 साल में स्वतः ही रिन्यू हो जाता था।
निलंबन का असर: इस फैसले के बाद अब इटली और इजरायल के बीच सैन्य उपकरणों का व्यापार, साझा सैन्य अभ्यास और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े प्रोजेक्ट्स ठप पड़ जाएंगे।
निलंबन की मुख्य वजह: लेबनान में इटैलियन सैनिकों पर हमला
इटली के इस कड़े रुख के पीछे हालिया दिनों में हुई कुछ गंभीर घटनाएं हैं:
UN पीसकीपिंग फोर्स पर हमला: पिछले हफ्ते लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) में तैनात इटैलियन सैनिकों के काफिले पर इजरायली सेना (IDF) द्वारा गोलीबारी की खबर आई थी। इटली ने इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया और इजरायल के राजदूत को तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया।
आम नागरिकों की मौत: इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई में बढ़ती नागरिक मौतों और विस्थापन की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इटली अब इस स्थिति में मूकदर्शक नहीं बना रह सकता।
बदलते कूटनीतिक समीकरण: ‘दोस्त’ हो रहे दूर
इटली का यह फैसला अमेरिका और इजरायल के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका है।
राजनीतिक दबाव: मेलोनी ने वेरोना में ‘विनीताली’ (Vinitaly) कार्यक्रम के दौरान कहा, “मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए इस समझौते को जारी रखना संभव नहीं है।”
यूरोप का रुख: इटली के इस कदम से संकेत मिलता है कि अब यूरोप के देश इजरायल की सैन्य नीतियों से दूरी बनाने लगे हैं। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि वर्तमान युद्ध की स्थिति में इस तरह के सैन्य समझौते को बढ़ाना राजनीतिक रूप से ‘जोखिम भरा’ था।
इटली के विदेश मंत्री का बेरूत दौरा
इस घोषणा से ठीक पहले इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने लेबनान की राजधानी बेरूत का दौरा किया था। वहाँ उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मुलाकात कर इजरायली हमलों की निंदा की और लेबनानी जनता के प्रति एकजुटता जाहिर की।
विश्लेषण: इटली का यह कदम न केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इजरायल के प्रति समर्थन की दीवार में अब दरारें आने लगी हैं, खासकर तब जब मित्र देशों के अपने सैनिक भी युद्ध की चपेट में आ रहे हों।
