बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का बड़ा कदम: ‘नौसैनिक विंग’ के गठन का किया ऐलान, पहले समुद्री हमले में 3 पाकिस्तानी जवान ढेर
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का बड़ा कदम: ‘नौसैनिक विंग’ के गठन का किया ऐलान, पहले समुद्री हमले में 3 पाकिस्तानी जवान ढेर
क्वेटा/ग्वादर: बलूचिस्तान में सक्रिय सबसे घातक उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपनी सैन्य क्षमता का विस्तार करते हुए एक नई समुद्री इकाई ‘हमाल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स’ (HMDF) के गठन की घोषणा की है। संगठन का दावा है कि उसने अपनी पहली नौसैनिक कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवानों को मार गिराया है।
समुद्र के बीच अंधाधुंध फायरिंग: वीडियो जारी कर दी चेतावनी
बीएलए के मीडिया विंग ‘हक्काल’ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में चार नकाबपोश लड़ाके एक स्पीडबोट पर सवार होकर समुद्र की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि ये लड़ाके पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की एक नाव को निशाना बनाकर उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं।
हमले से पहले एक लड़ाके ने वीडियो में खुली चेतावनी देते हुए कहा:
”जब तक इस जमीन पर एक भी बलूच जिंदा है, हम तुम्हें इस जमीन और समुद्र पर टिकने नहीं देंगे। हम आज भी तैयार हैं, कल भी थे और आगे भी रहेंगे। तुम्हें हर जगह निशाना बनाया जाएगा।”
पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवानों की मौत का दावा
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह हमला 12 अप्रैल की सुबह ग्वादर जिले के जीवाणि क्षेत्र के ‘मिल तियाब’ इलाके में किया गया। प्रवक्ता के अनुसार:
इस हमले में पाकिस्तानी नौसेना के तीन जवान— नायक अफजल, सिपाही जमील और सिपाही उमर— मारे गए।
ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद सभी बीएलए लड़ाके सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट गए।
जमीन के बाद अब समुद्र बनेगा ‘कब्रगाह’
संगठन ने स्पष्ट किया है कि बलूच ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन’ अब केवल पहाड़ों और शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह समुद्री क्षेत्र में भी प्रवेश कर चुका है। बीएलए ने पाकिस्तान और उसके सहयोगियों (संकेत चीन की ओर) पर बलूच समुद्री संसाधनों के ‘अवैध दोहन’ और मछुआरों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है।
बढ़ती सैन्य क्षमता और चुनौती
बीएलए का कहना है कि उन्होंने तटीय इलाकों को सैन्य छावनियों में तब्दील किए जाने के विरोध में यह नौसैनिक विंग तैयार की है। यह घटना पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है, क्योंकि बलूचिस्तान का समुद्री तट, विशेषकर ग्वादर पोर्ट, पाकिस्तान और चीन के आर्थिक हितों (CPEC) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विश्लेषण: बीएलए द्वारा समुद्री विंग का गठन इस बात का संकेत है कि संगठन अब अपने हमलों को रणनीतिक रूप से और अधिक जटिल और व्यापक बना रहा है। गहरे समुद्र में हमले करने की क्षमता पाकिस्तान के समुद्री व्यापार और सुरक्षा बुनियादी ढांचे के लिए एक नया और गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
