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आम आदमी को झटका: अप्रैल में महंगे हुए स्मार्टफोन; सैमसंग, ओप्पो और शाओमी समेत कई ब्रांड्स ने बढ़ाई कीमतें

आम आदमी को झटका: अप्रैल में महंगे हुए स्मार्टफोन; सैमसंग, ओप्पो और शाओमी समेत कई ब्रांड्स ने बढ़ाई कीमतें

अगर आप इस महीने नया स्मार्टफोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। अप्रैल 2026 में तकनीकी जगत से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। लगभग सभी प्रमुख मोबाइल ब्रांड्स ने अपने हैंडसेट्स की कीमतों में भारी इजाफा कर दिया है। ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं और बढ़ती उत्पादन लागत ने कंपनियों को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

​किस ब्रांड ने कितनी बढ़ाई कीमतें?

​ऑल इंडिया मोबाइल रिटेल एसोसिएशन (AIMRA) के आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग ब्रांड्स ने अपनी कीमतों में निम्नलिखित बढ़ोतरी की है:

ब्रांड       कीमतों में बढ़ोतरी (%)

सैमसंग   (Samsung) 3% से 22%

ओप्पो    (Oppo) / पोको (Poco) 6% से 18%

शाओमी  (Xiaomi) 3% से 15%

नथिंग     (Nothing) 13% से 14%

रियलमी  (Realme) 3% से 12%

मोटोरोला (Motorola) 4% से 9%

नोट: वीवो (Vivo) भी 15 अप्रैल से अपनी नई दरें लागू करने जा रहा है। राहत की बात केवल वनप्लस (OnePlus) के ग्राहकों के लिए है, जहाँ फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है।

​एप्पल (Apple): बिना दाम बढ़ाए ‘महंगा’ हुआ आईफोन

​एप्पल ने अपने फोन की एमआरपी (MRP) तो नहीं बढ़ाई, लेकिन मिलने वाले फायदों को कम कर दिया है:

​डिस्काउंट खत्म: iPhone 15 और 16 सीरीज पर मिलने वाला ₹5,000 का फ्लैट डिस्काउंट वापस ले लिया गया है।

​कैशबैक में कटौती: iPhone 17 पर मिलने वाला ₹6,000 का कैशबैक अब घटकर मात्र ₹1,000 रह गया है।

​आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम? (मुख्य कारण)

​AI और चिप संकट: आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण सेमीकंडक्टर चिप्स की मांग बढ़ गई है, जिससे पार्ट्स महंगे हो गए हैं।

​कच्चा माल: मेमोरी चिप्स और प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है।

​मुद्रा और तनाव: डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण शिपमेंट और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ गया है।

​बाजार पर असर: सेकंड-हैंड फोन की बढ़ी डिमांड

​कीमतों में इस उछाल का असर मोबाइल मार्केट पर साफ दिख रहा है। मार्च के महीने में ही मोबाइल की बिक्री में 30% की गिरावट दर्ज की गई है। नया फोन बजट से बाहर होने के कारण ग्राहक अब ‘रिफर्बिश’ (Refurbished) या पुराने फोन खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

​एक्सपर्ट राय: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ग्लोबल सप्लाई चेन सामान्य नहीं होती, कीमतों में कमी आने की संभावना कम है। ऐसे में पुराने फोन को एक्सचेंज करना या ईएमआई (EMI) ऑफर्स का लाभ उठाना ही ग्राहकों के लिए समझदारी भरा फैसला होगा।

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