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​समुद्र की गहराई में ‘मौत का जाल’: कैसे हटती हैं बारूदी सुरंगें?

समुद्र से बारूदी सुरंगें (Naval Mines) हटाना दुनिया के सबसे जोखिम भरे कामों में से एक है। वर्तमान में फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के बीच यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि क्या अमेरिका, ईरान द्वारा बिछाई गई इन ‘अदृश्य’ चुनौतियों का सामना कर पाएगा।

​समुद्र की गहराई में ‘मौत का जाल’: कैसे हटती हैं बारूदी सुरंगें?

​समुद्र में सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया को MCM (Mine Countermeasures) कहा जाता है। यह काम तीन मुख्य चरणों में होता है:

​1. माइन हंटिंग (Mine Hunting – खोज और पहचान)

​सबसे पहले सुरंगों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जाता है। इसके लिए आधुनिक नौसेनाएं इन तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं:

​सोनार (Sonar): जहाजों के नीचे लगे उच्च क्षमता वाले सोनार समुद्र तल की स्कैनिंग करते हैं।

​अंडरवॉटर ड्रोन (UUVs): अमेरिका के पास ‘Knifefish’ जैसे ऑटोनॉमस ड्रोन हैं, जो पानी के अंदर जाकर सुरंगों की फोटो और डेटा भेजते हैं।

​डॉल्फिन और सी-लायन: अमेरिकी नौसेना प्रशिक्षित समुद्री जीवों का भी उपयोग करती है जो अपनी सुनने की शक्ति से सुरंगों को ढूंढ निकालते हैं।

​2. माइन स्वीपिंग (Mine Sweeping – सफाई)

​जब सुरंगों की लोकेशन स्पष्ट नहीं होती, तब ‘स्वीपिंग’ की जाती है। इसमें एक विशेष जहाज (Minesweeper) अपने पीछे तार या उपकरण खींचता है जो:

​Contact Sweep: लंगर से बंधी सुरंगों के तारों को काट देता है, जिससे वे सतह पर आ जाती हैं।

​Distance Sweep: यह उपकरण जहाज की आवाज (Acoustic) या चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic) की नकल करता है, जिससे सुरंग को लगता है कि असली जहाज गुजर रहा है और वह फट जाती है।

​3. न्यूट्रलाइजेशन (Neutralization – नष्ट करना)

​एक बार सुरंग मिलने के बाद उसे नष्ट करने के लिए या तो गोताखोर (Divers) भेजे जाते हैं या फिर ‘SeaFox’ जैसे रिमोट से चलने वाले रोबोट। ये रोबोट सुरंग के पास जाकर एक छोटा विस्फोटक लगाते हैं और उसे सुरक्षित दूरी से उड़ा देते हैं।

​ईरान का जाल और अमेरिका की चुनौती: क्या होगा आगे?

​ईरान की रणनीति:

ईरान के पास अनुमानित 2,000 से 6,000 समुद्री सुरंगें हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में “अव्यवस्थित” तरीके से सुरंगें बिछाई हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ईरान खुद भी इन सुरंगों की सटीक लोकेशन भूल चुका है क्योंकि कई सुरंगें अपनी जगह से बहकर (Drift) दूर चली गई हैं।

​अमेरिका की तैयारी (अप्रैल 2026 की स्थिति):

​यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज में सुरंग हटाने के लिए “कंडीशन सेटिंग” शुरू कर दी है।

​USS Canberra जैसे आधुनिक ‘लिटोरल कॉम्बैट शिप’ (LCS) तैनात किए गए हैं, जो मानवरहित ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए दूर से ही सुरंगें नष्ट कर सकते हैं।

​चुनौती: हालांकि अमेरिका की तकनीक श्रेष्ठ है, लेकिन उसके पास ‘एवेंजर क्लास’ के पुराने माइंसवीपर जहाजों की कमी है। समुद्र का यह इलाका बहुत संकरा है, जिससे ऑपरेशन के दौरान ईरानी मिसाइलों या ड्रोन हमलों का खतरा बना रहता है।

​निष्कर्ष: अमेरिका निश्चित रूप से सुरंगें हटा सकता है, लेकिन यह कोई घंटों या दिनों का काम नहीं है। ईरान द्वारा बिछाई गई सुरंगों को पूरी तरह साफ करने में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं। तब तक वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भारी दबाव बना रहेगा।

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