बिहार में नई सरकार गठन की तैयारियां तेज, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण
बिहार में नई सरकार गठन की तैयारियां तेज, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण
पटना, 13 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की घड़ी आ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद एनडीए की नई सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे प्रस्तावित है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। आज मुख्यमंत्री आवास पर जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री जमा खान और अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें नई सरकार के गठन पर चर्चा हुई। भाजपा और जद(यू) दोनों दलों में नए मुख्यमंत्री और कैबिनेट फॉर्मूले को लेकर मंथन चल रहा है।
मुख्य अपडेट्स:
इस्तीफा और शपथ का कार्यक्रम: सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार मंगलवार (14 अप्रैल) को सीएम पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नया नेता चुना जाएगा। 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे राजभवन या लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है।
नए सीएम की अटकलें: भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी या अन्य वरिष्ठ नेता के नाम पर चर्चा चल रही है। कई सूत्रों में यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा इस बार मुख्यमंत्री पद अपने खाते में रखने की कोशिश में है, हालांकि अंतिम फैसला एनडीए की बैठक में होगा।
पीएम मोदी की संभावित उपस्थिति: कुछ रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को पटना पहुंच सकते हैं और शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय नेता भी कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
कैबिनेट फॉर्मूला: भाजपा और जद(यू) के बीच मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर बातचीत जारी है। सहयोगी दलों जैसे एलजेपी (राम विलास) और हम (सेकुलर) को भी उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है।
पृष्ठभूमि:
नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, वे छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते थे, लेकिन एनडीए अब नई सरकार के गठन का फैसला कर चुका है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया था, जिसमें भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय साबित हो सकता है। विपक्षी दलों की ओर से अभी कोई बड़ा बयान नहीं आया है, लेकिन तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन नेता नजर रखे हुए हैं।
