अन्तर्राष्ट्रीय

‘ईरान तय नहीं करेगा लेबनान में सीजफायर की तारीख’, इजरायल का सख्त संदेश

‘ईरान तय नहीं करेगा लेबनान में सीजफायर की तारीख’, इजरायल का सख्त संदेश

यरुशलम, 13 अप्रैल 2026: इजरायल ने ईरान को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि लेबनान में सीजफायर (युद्धविराम) की तारीख या शर्तें तय करने का अधिकार ईरान को नहीं होगा। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने जोर देकर कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है और हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली कार्रवाई जारी रहेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान सीजफायर के बावजूद इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह ठिकानों पर हमले तेज कर रहा है। ईरान ने दावा किया था कि सीजफायर लेबनान पर भी लागू होता है, लेकिन इजरायल और अमेरिका ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

इजरायल का सख्त रुख:

नेतन्याहू का संदेश: “लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है। हम हिज्बुल्लाह पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे। जब तक इजरायल की उत्तरी सीमा की सुरक्षा बहाल नहीं हो जाती, कार्रवाई नहीं रुकेगी।”

ईरान की भूमिका से इनकार: इजरायली अधिकारियों ने कहा कि ईरान लेबनान या हिज्बुल्लाह के लिए सीजफायर की कोई तारीख तय नहीं कर सकता। यह फैसला इजरायल की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर होगा।

हमले जारी: सीजफायर घोषणा के बाद भी इजरायल ने लेबनान के विभिन्न इलाकों में हवाई हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोग प्रभावित हुए। इजरायली सेना का कहना है कि ये हमले हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता को नष्ट करने के लिए जरूरी हैं।

पृष्ठभूमि:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था। पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दावा किया कि यह समझौता “हर जगह” (including Lebanon) लागू होगा। लेकिन नेतन्याहू ने साफ किया कि सीजफायर केवल ईरान पर हमलों तक सीमित है, लेबनान-हिज्बुल्लाह मोर्चे पर नहीं।

ईरान के विदेश मंत्री और संसद स्पीकर ने चेतावनी दी कि अगर इजरायल लेबनान में हमले जारी रखता है तो सीजफायर टूट सकता है और क्षेत्रीय युद्ध बढ़ सकता है। वहीं, इजरायल ने वाशिंगटन में लेबनान सरकार के साथ बातचीत शुरू करने की बात कही है, लेकिन हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर जोर दिया।

यह विवाद अमेरिका-ईरान सीजफायर को कमजोर कर रहा है और पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रहा है। वैश्विक तेल कीमतें और नौवहन सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ रहा है।

इजरायल का यह सख्त संदेश स्पष्ट करता है कि वह हिज्बुल्लाह को खत्म करने या कमजोर करने की अपनी रणनीति से पीछे नहीं हटेगा, भले ही ईरान कितना भी दबाव बनाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *