उत्तराखंड

​उत्तराखंड की राजनीति में ‘सेंधमारी’ की आहट: कुमारी शैलजा का बड़ा दावा— ‘संपर्क में हैं BJP के कई दिग्गज’, हरक सिंह ने सिटिंग विधायकों को लेकर किया खुलासा

उत्तराखंड की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। कांग्रेस द्वारा हाल ही में दिल्ली में की गई जॉइनिंग के बाद अब प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

​यहाँ इस पूरे सियासी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:

​उत्तराखंड की राजनीति में ‘सेंधमारी’ की आहट: कुमारी शैलजा का बड़ा दावा— ‘संपर्क में हैं BJP के कई दिग्गज’, हरक सिंह ने सिटिंग विधायकों को लेकर किया खुलासा

​देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ‘दल-बदल’ का खेल शुरू हो चुका है। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के कुनबे में बड़ी सेंधमारी के संकेत दिए हैं। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

​1. कुमारी शैलजा का बयान: ‘बदलता जा रहा है माहौल’

​उत्तराखंड दौरे पर पहुंचीं कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भाजपा में बड़ी टूट का दावा किया है। उन्होंने कहा:

​भाजपा के कई सीनियर और छोटे नेता लगातार कांग्रेस के संपर्क में हैं।

​बातचीत का दौर जारी है और जल्द ही कई नेता कांग्रेस का दामन थामेंगे।

​शैलजा ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में माहौल बदल रहा है और लोग अब कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ना चाहते हैं।

​2. हरक सिंह रावत का ‘सिटिंग विधायक’ वाला दांव

​कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत ने कुमारी शैलजा के दावों को और हवा देते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा:

​भाजपा के कई सिटिंग (वर्तमान) विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में हैं।

​रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर अभी इन विधायकों को शामिल किया गया तो उपचुनाव की नौबत आएगी।

​हरक सिंह के मुताबिक, जब चुनाव में 6 महीने का वक्त बचेगा, तब इन विधायकों की कांग्रेस में जॉइनिंग कराई जाएगी।

​3. भाजपा का पलटवार: ‘कांग्रेस में जा रहे हैं रिजेक्टेड नेता’

​कांग्रेस के इन दावों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा:

​किसी भी अनुशासित भाजपा नेता को कांग्रेस में जाने की जरूरत नहीं है।

​कांग्रेस जिन 6 नेताओं की बात कर रही है, उन्हें भाजपा पहले ही निष्कासित कर चुकी है।

​चमोली ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस केवल उन लोगों के लिए ‘रास्ता’ बन रही है जिनकी राजनीति भाजपा में खत्म हो चुकी है और जिनकी कोई संभावनाएं नहीं बची हैं।

​4. कुनबा बढ़ाने की होड़ और 2027 की तैयारी

​हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस ने 6 नेताओं को सदस्यता दिलाई थी, जिसके बाद से ही प्रदेश में दलबदल की चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस का लक्ष्य चुनाव से पहले खुद को मजबूत दिखाना और भाजपा में आंतरिक कलह का संदेश देना है। वहीं, भाजपा इसे कांग्रेस की ‘हताशा’ बता रही है।

​सियासी मायने: उत्तराखंड की राजनीति में दलबदल कोई नई बात नहीं है, लेकिन चुनाव से लगभग पौने दो साल पहले ‘सिटिंग विधायकों’ के संपर्क में होने का दावा करना एक बड़ी मनोवैज्ञानिक लड़ाई की शुरुआत है। अब देखना यह होगा कि कुमारी शैलजा के दावों में कितनी सच्चाई है और आने वाले समय में कौन से ‘बड़े चेहरे’ पाला बदलते हैं।

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