इस्लामाबाद में शांति वार्ता के बीच ‘बवाल’: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजरायल को कहा ‘कैंसर’, अमेरिका की फटकार के बाद डिलीट किया पोस्ट
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही ऐतिहासिक शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसी कूटनीतिक गलती (Blunder) कर दी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगामा मच गया। इजरायल पर दिए गए उनके विवादित बयान ने न केवल इजरायल को बल्कि अमेरिका को भी नाराज कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान को बैकफुट पर आना पड़ा।
इस्लामाबाद में शांति वार्ता के बीच ‘बवाल’: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इजरायल को कहा ‘कैंसर’, अमेरिका की फटकार के बाद डिलीट किया पोस्ट
1. ख्वाजा आसिफ का विवादित पोस्ट: क्या लिखा था?
जब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद के सेरेना होटल में चल रही शांति वार्ता पर टिकी थीं, तब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया (X) पर एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा:
इजरायल पर हमला: “इजरायल बुराई है और मानवता के लिए एक अभिशाप है।”
नरसंहार का आरोप: उन्होंने गाजा और लेबनान में हो रहे खूनखराबे के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
कठोर शब्द: उन्होंने इजरायल को एक ‘कैंसर जैसा राज्य’ बताया और कहा कि जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए इस राज्य को बनाया, वे “नर्क में जलें”।
2. इजरायल का तीखा पलटवार
ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर इजरायल ने सख्त प्रतिक्रिया दी:
विदेश मंत्री का जवाब: इजरायल के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए इसे नफरत भरा बयान बताया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का बयान: इजरायली पीएम ऑफिस ने पोस्ट किया कि ऐसे बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, खासकर उस देश की तरफ से जो खुद को ‘शांति का मसीहा’ दिखाने की कोशिश कर रहा है।
3. अमेरिका की फटकार और पाकिस्तान की ‘U-टर्न’
इस बयान ने अमेरिका को भी असहज कर दिया, क्योंकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल (जेडी वेंस के नेतृत्व में) खुद उस समय पाकिस्तान में मौजूद था।
वॉशिंगटन की नाराजगी: अमेरिका ने तत्काल इस मामले पर पाकिस्तान की ‘क्लास’ लगाई और अपनी नाराजगी व्यक्त की।
पोस्ट डिलीट: अमेरिकी दबाव और कूटनीतिक संकट को भांपते हुए ख्वाजा आसिफ ने तुरंत अपना विवादित पोस्ट डिलीट कर दिया।
4. इस्लामाबाद में ‘लॉकडाउन’ जैसे हालात
इस उथल-पुथल के बीच इस्लामाबाद की सुरक्षा व्यवस्था चरम पर है:
सेरेना होटल: वार्ता का केंद्र रहे इस होटल के आसपास कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
हाई अलर्ट: अमेरिका और ईरान के डेलिगेशन की मौजूदगी के कारण पूरी राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया गया है।
निष्कर्ष
जहाँ एक तरफ पाकिस्तान इस वार्ता की मेजबानी कर अपनी वैश्विक छवि सुधारने की कोशिश कर रहा था, वहीं रक्षा मंत्री के इस ‘ब्लंडर’ ने उसकी कूटनीतिक अपरिपक्वता को उजागर कर दिया है। अमेरिका की डांट के बाद पोस्ट डिलीट करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान इस समय किसी भी बड़े देश की नाराजगी झेलने की स्थिति में नहीं है।
