अंतरिक्ष में नया कीर्तिमान: आर्टेमिस-2 ने रचा इतिहास, इंसानों को लेकर पृथ्वी से सबसे दूर पहुंचने का रिकॉर्ड
अंतरिक्ष में नया कीर्तिमान: आर्टेमिस-2 ने रचा इतिहास, इंसानों को लेकर पृथ्वी से सबसे दूर पहुंचने का रिकॉर्ड
ह्यूस्टन (NASA): मानवता ने आज अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। नासा (NASA) के आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन ने चंद्रमा के ‘दूरस्थ पक्ष’ (Far Side) की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। करीब 50 से अधिक वर्षों के बाद, इंसान न केवल चंद्रमा के पास पहुंचे हैं, बल्कि उन्होंने अपोलो युग के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान में सवार चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से लगभग 4,00,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
अपोलो 13 का रिकॉर्ड टूटा
अब तक इंसानों द्वारा पृथ्वी से सबसे दूर जाने का रिकॉर्ड 1970 में अपोलो 13 (Apollo 13) मिशन के नाम था, जो पृथ्वी से लगभग 4,00,171 किलोमीटर दूर गया था। आर्टेमिस-2 ने ‘फ्री रिटर्न ट्रेजेक्टरी’ (Free Return Trajectory) का उपयोग करते हुए इस आंकड़े को पार कर लिया है।
* दूरी: ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के पीछे से गुजरते हुए पृथ्वी से रिकॉर्ड दूरी पर पहुंचा।
* क्रू: इस ऐतिहासिक सफर के गवाह बने हैं कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, और मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच व जेरेमी हैनसेन।
मिशन की खास बातें: क्यों है यह ‘ऐतिहासिक’?
आर्टेमिस-2 मिशन सिर्फ दूरी तय करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह मंगल ग्रह पर जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है:
* चंद्रमा की पहली महिला और अश्वेत यात्री: क्रिस्टीना कोच चंद्रमा के करीब पहुंचने वाली पहली महिला बनीं, वहीं विक्टर ग्लोवर चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बन गए हैं।
* डीप स्पेस टेस्टिंग: ओरियन यान ने गहरे अंतरिक्ष के विकिरण (Radiation) और अत्यधिक तापमान में इंसानों को सुरक्षित रखने की अपनी क्षमता को सफलतापूर्वक साबित किया है।
* लाइव विजुअल्स: अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के उस हिस्से की हाई-डेफिनिशन तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जो पृथ्वी से कभी दिखाई नहीं देता।
अब आगे क्या? (Artemis III की तैयारी)
आर्टेमिस-2 की इस सफलता ने आर्टेमिस-3 का रास्ता साफ कर दिया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर इंसानों को फिर से उतारना है।
“आज हम केवल एक रिकॉर्ड नहीं तोड़ रहे हैं, बल्कि हम भविष्य की पीढ़ियों के लिए ब्रह्मांड के दरवाजे खोल रहे हैं। यह साबित करता है कि इंसान जब ठान ले, तो उसकी कोई सीमा नहीं होती— बिल नेल्सन, नासा प्रशासक
पृथ्वी पर वापसी का काउंटडाउन
चंद्रमा की परिक्रमा पूरी करने के बाद, ओरियन यान अब पृथ्वी की ओर वापस मुड़ चुका है। अगले कुछ दिनों में यह प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ (Splashdown) करेगा। पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक मिशन की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रही है।
