लारीजानी की मौत का खौफनाक बदला! ईरान ने इजराइल पर दागीं सैकड़ों मिसाइलें, तेल अवीव में तबाही और मौतें
लारीजानी की मौत का खौफनाक बदला! ईरान ने इजराइल पर दागीं सैकड़ों मिसाइलें, तेल अवीव में तबाही और मौतें
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध अब और तेज हो गया है। ईरान के सबसे प्रभावशाली और ताकतवर सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी (Ali Larijani) की इजराइली एयर स्ट्राइक में मौत की पुष्टि के बाद तेहरान ने तुरंत बदला लिया। ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी, जिसमें क्लस्टर वारहेड्स और बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।
क्या हुआ था?
इजराइल ने दावा किया कि तेहरान के पास एक सटीक हवाई हमले में अली लारीजानी को मार गिराया गया। वे ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख थे और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद देश की असल कमान संभाल रहे थे।
हमले में उनके बेटे, डिप्टी और बॉडीगार्ड्स भी मारे गए।
ईरान ने पहले मौत की पुष्टि नहीं की, लेकिन बाद में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इसे कन्फर्म कर दिया और उन्हें “शहीद” बताया। साथ ही बसीज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की भी मौत हुई।
यह मौत युद्ध शुरू होने के बाद खामेनेई के बाद सबसे बड़ा झटका है।
ईरान का जवाब क्या रहा?
लारीजानी की मौत के कुछ घंटों बाद ही IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने इजराइल पर मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी गईं, जिनमें खोर्रमशहर-4, क़द्र और क्लस्टर बम वाले मिसाइल शामिल हैं।
तेल अवीव और उसके आसपास (रमत गान, होलोन, बने ब्राक) में बड़े पैमाने पर तबाही मची। कम से कम 2 लोग मारे गए (एक बुजुर्ग दंपति), कई घायल हुए, इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, आग लगी और ट्रेन स्टेशन जैसी महत्वपूर्ण जगहों को नुकसान पहुंचा।
ईरान ने इसे “लारीजानी का बदला” और “खून का बदला” बताया। कई हमलों में क्लस्टर मुनिशन्स का इस्तेमाल हुआ, जो हवा में फटकर छोटे-छोटे बम बिखेरते हैं और डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हैं।
ईरान ने गल्फ देशों (सऊदी, UAE, बहरीन) पर भी ड्रोन और मिसाइल अटैक किए, लेकिन ज्यादातर इंटरसेप्ट हो गए।
वर्तमान स्थिति
युद्ध अब 2-3 हफ्ते पुराना हो चुका है, और दोनों तरफ से हमले तेज हो रहे हैं। इजराइल और अमेरिका ईरान के मिसाइल साइट्स, एयरबेस और लीडरशिप को टारगेट कर रहे हैं।
इजराइल के डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम आदि) ने कई मिसाइलों को रोका, लेकिन कुछ घुस गईं और सिविलियन एरिया में डैमेज हुआ।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल सख्त किया है, जिससे ऑयल प्राइसेज पहले से ही आसमान छू रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन और नेतन्याहू ने ईरान को “डेस्परेट” बताया, लेकिन युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं।
यह हमला ईरान की तरफ से अब तक का सबसे बड़ा रिटेलिएटरी स्ट्राइक लगता है। क्या यह युद्ध और बड़ा रूप लेगा या कोई डिप्लोमैटिक रास्ता निकलेगा? स्थिति बहुत नाजुक है। अपडेट्स के लिए नजर रखें!
