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गंगा में नाव पर ‘बिरयानी इफ्तार पार्टी’ मचा बवाल! चिकन बिरयानी खाकर हड्डियां फेंकने के आरोप में 14 गिरफ्तार, वायरल वीडियो ने उड़ाया तहलका

गंगा में नाव पर ‘बिरयानी इफ्तार पार्टी’ मचा बवाल! चिकन बिरयानी खाकर हड्डियां फेंकने के आरोप में 14 गिरफ्तार, वायरल वीडियो ने उड़ाया तहलका

वाराणसी (काशी) में गंगा नदी के बीचों-बीच एक नाव पर इफ्तार पार्टी का मामला इतना गरमाया कि पुलिस को तुरंत एक्शन लेना पड़ा। सोमवार शाम (रमजान के दौरान) कुछ युवकों ने गंगा में नाव पर बैठकर इफ्तार किया, जिसमें फल-मेवे के साथ चिकन बिरयानी परोसी गई। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और आरोप लगा कि पार्टी के बाद बिरयानी की हड्डियां और अवशेष गंगा में फेंक दिए गए—जिससे पवित्र नदी ‘अपवित्र’ हुई और हिंदू भावनाएं आहत हुईं।

क्या हुआ ठीक-ठीक?

घटना पंचगंगा घाट के पास हुई।

वीडियो में युवक नाव पर बैठे इफ्तार करते दिख रहे हैं, बिरयानी खाते हुए।

हालांकि वीडियो में स्पष्ट रूप से हड्डियां फेंकते नहीं दिखा, लेकिन शिकायतकर्ता ने ऐसा आरोप लगाया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में तहरीर दी। आरोप: धार्मिक भावनाएं आहत करना, पूजा स्थल (गंगा को पवित्र मानकर) अपवित्र करना, और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना।

पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की और 14 युवकों (ज्यादातर मुस्लिम) को गिरफ्तार कर लिया।

ACP विजय प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि वीडियो वायरल होने के बाद जांच हुई और आरोपी पकड़े गए।

विवाद क्यों भड़का?

गंगा हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र है—जहां गंगा आरती होती है, वहां नॉन-वेज खाना और अवशेष फेंकना कई लोगों को अपमानजनक लगा। हिंदू संगठनों और BJP समर्थकों ने इसे ‘मां गंगा का अपमान’ बताया, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ इफ्तार पार्टी मानते हैं और पूछ रहे हैं कि क्या इतना बड़ा गुनाह था कि गिरफ्तारी हो जाए। पर्यावरण और नदी प्रदूषण का भी मुद्दा उठा।

अब क्या?

पुलिस जांच जारी है। आरोपी जमानत पर बाहर आ सकते हैं, लेकिन मामला सोशल मीडिया पर गरम है—कुछ इसे धार्मिक संवेदनशीलता का मुद्दा मान रहे हैं, तो कुछ ओवर-रिएक्शन। ये घटना दिखाती है कि गंगा जैसी पवित्र जगह पर व्यवहार कितना संवेदनशील हो सकता है।

क्या आपको लगता है ये गिरफ्तारी जरूरी थी या सिर्फ राजनीतिक बवाल? कमेंट में बताएं!

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