लारीजानी की मौत की इनसाइड स्टोरी: खामेनेई के बाद ईरान का सबसे ताकतवर चेहरा, बेटी के घर पर इजरायल का सटीक हमला
लारीजानी की मौत की इनसाइड स्टोरी: खामेनेई के बाद ईरान का सबसे ताकतवर चेहरा, बेटी के घर पर इजरायल का सटीक हमला
अली लारीजानी ईरान के सबसे प्रभावशाली और बैकडोर पावर ब्रोकर थे। वे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सेक्रेटरी थे और अयातोल्लाह अली खामेनेई (जिनकी फरवरी 2026 में इजरायली स्ट्राइक में मौत हो गई थी) के सबसे करीबी सलाहकार। खामेनेई की मौत के बाद लारीजानी कुछ दिनों तक ईरान के डे फैक्टो लीडर भी बने रहे, जब तक खामेनेई के बेटे मोहतबा खामेनेई ने सत्ता संभाली।
लारीजानी का राजनीतिक करियर दशकों पुराना था — 2008 से 2020 तक ईरान के संसद स्पीकर रहे, कई बार राष्ट्रपति पद के दावेदार बने और विदेश नीति-परमाणु मुद्दों पर बड़े फैसले लेने वाले अंदरूनी चेहरे थे। उन्हें “ईरान की राजनीति का लिंचपिन” कहा जाता था। मौत से सिर्फ एक हफ्ता पहले उन्होंने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी थी — “नेताओं को मारने से ईरान और मजबूत होगा”।
इजरायल कैसे पहुंचा लारीजानी तक? पूरा ऑपरेशन
17 मार्च 2026 (मंगलवार) की रात को इजरायली एयर स्ट्राइक्स में लारीजानी की मौत हुई। इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर इजरायल काट्ज़ ने खुद ऐलान किया कि यह टारगेटेड एलिमिनेशन था। ईरान ने कुछ घंटों बाद पुष्टि की और उन्हें “शहीद” बताया।
अंदरूनी डिटेल्स (रिपोर्ट्स के मुताबिक):
हमला तेहरान के उत्तर-पूर्व में पर्दिस इलाके में हुआ — लारीजानी अपनी बेटी के घर पर थे।
उनके साथ मारे गए: बेटा मोर्तेज़ा लारीजानी, डिप्टी अलीरेज़ा बयात और कई बॉडीगार्ड्स।
इसी स्ट्राइक या जुड़े हमले में बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए।
इजरायली खुफिया एजेंसी (मोसाद) और आईडीएफ ने मिलकर लोकेशन ट्रेस की। लारीजानी परिवार के निजी घर पर होने की वजह से सिक्योरिटी पेनेट्रेट हुई — यह ईरान की टॉप लीडरशिप तक पहुंचने का सबसे बड़ा सबूत है।
इजरायल का कहना: लारीजानी “एक्सिस ऑफ इविल” के सदस्य थे और उनके खात्मे से ईरान की कमान कमजोर होगी। कुछ विश्लेषक मानते हैं कि इजरायल ने अमेरिका-ईरान बातचीत को तोड़ने के लिए भी यह स्ट्राइक की।
यह खामेनेई की मौत के बाद ईरान का सबसे बड़ा झटका है। ईरान ने तुरंत जवाबी मिसाइल और ड्रोन अटैक शुरू कर दिए, जबकि इजरायल इसे “सफल टारगेटेड किलिंग” बता रहा है।
लारीजानी की मौत से ईरान की सिक्योरिटी और पॉलिसी मशीनरी बुरी तरह हिल गई है। अब सवाल है — अगला टारगेट कौन? जंग तेज होती जा रही है।
