अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान की कमान संरचना पर घातक प्रहार: नेता से कमांडर तक कौन-कौन शहीद हुए

ईरानी लीडरशिप और सैन्य कमांड स्ट्रक्चर में हाल के वर्षों में कई बड़े झटके लगे हैं, खासकर इजरायल और अमेरिका के हमलों से। 2020 से लेकर अब तक (मार्च 2026) कई प्रमुख नाम मारे गए हैं, जिनमें से ज्यादातर इजरायली/अमेरिकी टारगेटेड स्ट्राइक्स में।

यहां प्रमुख नामों की सूची है (समयक्रम के हिसाब से मुख्य घटनाएं):

जनवरी 2020: कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) – IRGC के कुद्स फोर्स के कमांडर, बैगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन अटैक में मारे गए। उनके साथ अबू महदी अल-मुहंदिस भी मारे गए। यह सबसे चर्चित हत्या थी, जिसने क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया।

फिर 2025-2026 में इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर हमले हुए, जिसमें ईरान की टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया गया:

जून 2025 (युद्ध की शुरुआत में): मोहम्मद बघेरी (Mohammad Bagheri) – ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ।

होसैन सलामी (Hossein Salami) – IRGC के कमांडर-इन-चीफ।

कई अन्य IRGC कमांडर और न्यूक्लियर साइंटिस्ट भी मारे गए।

फरवरी 2026 (युद्ध के दौरान): अयातोल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) – ईरान के सुप्रीम लीडर, शुरुआती स्ट्राइक्स में मारे गए।

अली शमखानी (Ali Shamkhani) – सुप्रीम लीडर के सीनियर एडवाइजर और पूर्व IRGC अधिकारी।

अजीज नसीरजादेह (Aziz Nasirzadeh / Amir Nasirzadeh) – डिफेंस मिनिस्टर।

मोहम्मद पाकपुर (Mohammad Pakpour) – IRGC के कमांडर।

अब्दुल रहीम मौसवी (Abdolrahim Mousavi) – आर्म्ड फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ।

मोहम्मद शिराजी (Mohammad Shirazi) – सुप्रीम लीडर के मिलिट्री ब्यूरो हेड।

सालेह असदी (Salah Asadi) – सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारी।

कई अन्य जैसे होसैन जबल अमेलियन और रेजा मोजाफरी-निया (परमाणु प्रोग्राम से जुड़े)।

मार्च 2026 (हालिया स्ट्राइक्स): अली लारीजानी (Ali Larijani) – सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी, एक प्रमुख पॉलिसी एडवाइजर।

गुलामरेजा सुलेमानी (Gholamreza Soleimani) – बासिज फोर्सेस (IRGC की वॉलंटियर मिलिशिया) के कमांडर।

इन हमलों से ईरान की मिलिट्री और पॉलिटिकल लीडरशिप में भारी क्षति हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरवरी-मार्च 2026 के स्ट्राइक्स में अकेले दर्जनों सीनियर कमांडर और अधिकारी मारे गए, जिससे रिजीम की कमान संरचना बुरी तरह प्रभावित हुई। इजरायल ने इनमें से कई को “टारगेटेड एलिमिनेशन” बताया है, जबकि ईरान ने इन्हें “शहीद” करार दिया है।

यह स्थिति तेजी से बदल रही है, क्योंकि युद्ध जारी है और नए नाम सामने आ सकते हैं। ईरान अब नई लीडरशिप बनाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन “नेता से कमांडर तक” का चेन काफी हद तक टूट चुका लगता है।

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