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ट्रंप सरकार में बड़ी बगावत: ‘इजराइली दबाव में थोपा गया ईरान युद्ध’, शीर्ष अधिकारी जो केंट का इस्तीफा

ट्रंप प्रशासन के भीतर से उठी विरोध की आवाज़ ने वाशिंगटन में सियासी भूकंप ला दिया है। अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद विरोधी अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ट्रंप सरकार में बड़ी बगावत: ‘इजराइली दबाव में थोपा गया ईरान युद्ध’, शीर्ष अधिकारी जो केंट का इस्तीफा

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही प्रशासन में एक बड़े झटके का सामना करना पड़ा है। अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक जो केंट (Joe Kent) ने मंगलवार, 17 मार्च 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। केंट ने आरोप लगाया कि ईरान से अमेरिका को कोई खतरा नहीं था, बल्कि यह युद्ध इजराइल के दबाव में शुरू किया गया है।

इस्तीफे में किए सनसनीखेज खुलासे

जो केंट ने सोशल मीडिया (X) पर अपना इस्तीफा पत्र साझा करते हुए सीधे तौर पर इजराइल और अमेरिकी मीडिया के एक हिस्से को कटघरे में खड़ा किया है। उनके पत्र की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

* ईरान से खतरा एक ‘झूठ’: केंट ने दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई “तात्कालिक खतरा” (Imminent Threat) नहीं था। उनके अनुसार, युद्ध शुरू करने के लिए गलत खुफिया जानकारी का सहारा लिया गया।

* इजराइल का दबाव: उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “यह स्पष्ट है कि हमने यह युद्ध इजराइल और उसके शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया है।” * भ्रामक अभियान: केंट ने आरोप लगाया कि इजराइली अधिकारियों ने एक ‘दुष्प्रचार अभियान’ (Misinformation Campaign) चलाया, जिसने राष्ट्रपति ट्रंप के ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे को नुकसान पहुँचाया और अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में झोंक दिया।

* इराक युद्ध से तुलना: उन्होंने इस स्थिति की तुलना 2003 के इराक युद्ध से की, जहाँ गलत सूचनाओं के आधार पर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की थी।

कौन हैं जो केंट?

जो केंट केवल एक नौकरशाह नहीं, बल्कि एक युद्ध अनुभवी (Veteran) भी हैं। वे पूर्व ग्रीन बेरेट (Green Beret) रहे हैं और 11 बार युद्ध क्षेत्रों में तैनात रह चुके हैं। उनकी पत्नी, शैनन केंट, भी एक सैन्य अधिकारी थीं, जो 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती हमले में शहीद हो गई थीं। केंट ने अपने पत्र में लिखा कि वे अगली पीढ़ी को ऐसे युद्ध में मरने के लिए नहीं भेज सकते जिसका अमेरिकी जनता को कोई लाभ नहीं है।

व्हाइट हाउस की चुप्पी

जो केंट के इस्तीफे के बाद व्हाइट हाउस और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने केंट के इन दावों को बेहद गंभीर बताया है और युद्ध के औचित्य पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

“मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर ईरान में चल रहे इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। यह युद्ध इजराइल द्वारा मैन्युफैक्चर्ड है— जो केंट (पूर्व निदेशक, NCTC)

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