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ईरान में ऐतिहासिक बदलाव: मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, पिता अली खामेनेई की विरासत संभालेंगे

ईरान में ऐतिहासिक बदलाव: मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, पिता अली खामेनेई की विरासत संभालेंगे

ईरान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के करीब एक हफ्ते बाद, देश की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है। यह घोषणा ईरानी राज्य मीडिया और सरकारी टीवी ने 8-9 मार्च 2026 की रात/सुबह की है। मोजतबा अब ईरान के तीसरे सुप्रीम लीडर बन गए हैं—1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार पिता से बेटे को यह पद मिला है।

अली खामेनेई की मौत अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में हुई थी, जिसने मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया। इस संकट के बीच असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (88 सदस्यीय शिया मौलवियों का पैनल) ने “निर्णायक मतदान” से मोजतबा को चुना। बयान में उन्हें “अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई” कहा गया है, जो इस्लामिक रिपब्लिक की “पवित्र व्यवस्था” के तीसरे नेता हैं।

मोजतबा खामेनेई कौन हैं?

उम्र: 56 वर्ष।

पृष्ठभूमि: एक कट्टरपंथी क्लेरिक, पिता की तरह हार्डलाइनर।

करीबी संबंध: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से गहरे जुड़े, जो ईरान की सबसे ताकतवर सेना है।

भूमिका: पहले से ही छाया में प्रभावशाली रहे—कई लोग उन्हें पिता का अनौपचारिक उत्तराधिकारी मानते थे।

विशेष: वे कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाले, लेकिन IRGC और सुरक्षा एजेंसियों में मजबूत पकड़ है।

यह फैसला ईरान में हार्डलाइनर्स की जीत माना जा रहा है। कई विश्लेषक इसे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ “प्रतिरोध और बदले” का संकेत बताते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कहा था कि कोई भी नया लीडर (बिना उनकी मंजूरी) ज्यादा दिन नहीं टिकेगा, जबकि इजरायल ने धमकी दी है कि नए लीडर को भी निशाना बनाया जा सकता है।

प्रतिक्रियाएं और प्रभाव

ईरान में: कुछ इलाकों (जैसे खुजिस्तान) में समर्थकों ने जश्न मनाया, सड़कों पर उत्सव। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इसे “सम्मान और ताकत का नया युग” बताया।

अंतरराष्ट्रीय: तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गईं। सऊदी अरब ने चेतावनी दी है।

युद्ध का असर: यह नियुक्ति ईरान को और आक्रामक बना सकती है, क्योंकि मोजतबा पिता से भी ज्यादा हार्डलाइन माने जाते हैं।

यह ऐतिहासिक कदम ईरान के 47 साल के इतिहास में पहली hereditary उत्तराधिकार है, जो पारंपरिक शिया क्लेरिकल नियमों से अलग है। अब मोजतबा न सिर्फ धार्मिक-राजनीतिक सर्वोच्च नेता हैं, बल्कि सेना के कमांडर-इन-चीफ भी। युद्ध और संकट के बीच उनकी अगुवाई में ईरान का रुख और सख्त होने की उम्मीद है।

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