राजनीति

‘ये राष्ट्रपति नहीं, संविधान का अपमान…’, PM मोदी ने फिर ममता सरकार को घेरा – संदेशखाली और प्रोटोकॉल विवाद पर तीखा हमला!

‘ये राष्ट्रपति नहीं, संविधान का अपमान…’, PM मोदी ने फिर ममता सरकार को घेरा – संदेशखाली और प्रोटोकॉल विवाद पर तीखा हमला!

न्यूज़ अपडेट: 8 मार्च 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर फिर से तीखा हमला बोला है। एक चुनावी रैली में बोलते हुए PM मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर ममता के बयान को “राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संविधान का अपमान” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह “लोकतंत्र की बुनियाद” पर हमला है और TMC सरकार महिलाओं की सुरक्षा में पूरी तरह फेल हो गई है। यह बयान संदेशखाली हिंसा और राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद के संदर्भ में आया है, जहां ममता ने राष्ट्रपति को “BJP का एजेंट” बताया था।

PM मोदी का पूरा बयान और हमला:

मोदी ने कहा: “ये राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि संविधान का अपमान है। राष्ट्रपति पद देश की सर्वोच्च गरिमा है, और इसे राजनीति में घसीटना शर्मनाक है। ममता दीदी, आपकी सरकार संदेशखाली में महिलाओं की आवाज दबा रही है, और राष्ट्रपति जब न्याय की बात करती हैं तो आप उन्हें साजिश कहती हैं। यह महिलाओं का अपमान है, दलितों का अपमान है, और संविधान का अपमान है।”

उन्होंने TMC पर “अराजकता” का आरोप लगाया और कहा कि बंगाल में “गुंडागर्दी” चरम पर है। PM ने वादा किया कि केंद्र सरकार संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाएगी, और CBI जांच को मजबूत किया जाएगा।

मोदी ने प्रोटोकॉल विवाद पर भी घेरा: “राष्ट्रपति का दौरा राज्य की जनता से जुड़ाव है, लेकिन TMC इसे चुनावी चश्मे से देख रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति पर ऐसी टिप्पणी की हो।”

ममता सरकार की प्रतिक्रिया:

TMC ने PM मोदी के बयान को “राजनीतिक ड्रामा” बताया। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा: “PM मोदी चुनावी फायदे के लिए राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रहे हैं। संदेशखाली में TMC ने कार्रवाई की है, लेकिन BJP साजिश रच रही है। राष्ट्रपति का अपमान नहीं किया गया, हम सिर्फ सच्चाई बता रहे हैं।”

ममता बनर्जी ने कल कहा था: “राष्ट्रपति BJP का एजेंडा चला रही हैं। अगर 50 बार भी आएंगी तो जनता समझती है।”

बैकग्राउंड और संदर्भ:

संदेशखाली विवाद: फरवरी 2026 में संदेशखाली में TMC नेता शाहजहां शेख पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप लगे थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने बंगाल दौरे पर पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की और राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रोटोकॉल मामला: राष्ट्रपति के दौरे में कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन पर TMC और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप चले थे।

लोकसभा चुनाव 2026 से पहले यह विवाद बंगाल की राजनीति को गर्मा रहा है, जहां महिलाओं की सुरक्षा और संवैधानिक पदों की गरिमा मुख्य मुद्दे बनते जा रहे हैं।

यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां #ModiVsMamata ट्रेंड कर रहा है। क्या यह चुनावी रणनीति है या सच्ची चिंता? आपकी क्या राय है?

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