बच्चे या पति – महिलाओं को कौन देता है ज्यादा स्ट्रेस? स्टडी में जो सामने आया, वो जानकर सच में सिर चकरा जाएगा!
बच्चे या पति – महिलाओं को कौन देता है ज्यादा स्ट्रेस? स्टडी में जो सामने आया, वो जानकर सच में सिर चकरा जाएगा!
न्यूज़ अपडेट: 7 मार्च 2026
एक पुरानी लेकिन अब भी वायरल हो रही स्टडी और सर्वे ने महिलाओं के बीच बड़ा डिबेट छेड़ दिया है। अमेरिकी मीडिया TODAY Moms ने 7,000 से ज्यादा मांओं पर सर्वे किया, जिसमें महिलाओं का औसत स्ट्रेस लेवल 10 में से 8.5 तक पहुंच गया। सबसे चौंकाने वाली बात ये कि 46% महिलाओं ने कहा कि उनके पति (या पार्टनर) बच्चों से ज्यादा स्ट्रेस का कारण बनते हैं!
क्यों पति ज्यादा स्ट्रेस देते हैं?
महिलाएं अक्सर शिकायत करती हैं कि पति “बड़े बच्चे” जैसे बिहेव करते हैं। मतलब – घर के काम, बच्चों की देखभाल, बिल्स, प्लानिंग सब कुछ महिलाओं पर ही आ जाता है। पति मदद करने की बजाय “मेंटल लोड” बढ़ाते हैं – जैसे बार-बार पूछना “क्या करना है?”, खुद से कुछ न सोचना, या घरेलू जिम्मेदारियां न समझना।
एक मां ने कहा: “7 साल का बच्चा तो बच्चा है, लेकिन 35 साल का आदमी बच्चे जैसा बिहेव करे तो ज्यादा स्ट्रेस होता है, क्योंकि वो तो जानते हैं बेहतर!”
स्टडी के मुख्य पॉइंट्स:
75% महिलाओं ने कहा कि पार्टनर होने के बावजूद वे ही ज्यादातर पेरेंटिंग और घरेलू काम संभालती हैं।
1 में से 5 महिलाओं के लिए पति से “पर्याप्त मदद न मिलना” रोजाना का सबसे बड़ा स्ट्रेस सोर्स है।
बच्चों से स्ट्रेस अलग होता है – वो टेम्पररी होता है (जैसे रोना, स्कूल, होमवर्क), लेकिन पति से स्ट्रेस “क्रॉनिक” (लंबे समय तक चलने वाला) होता है, क्योंकि वो “मेंटल लोड” (सब कुछ याद रखना, प्लान करना) शेयर नहीं करते।
कई रिसर्च (जैसे University of Padova, Penn State) भी यही दिखाती हैं कि मैरिज और पार्टनर रिलेशनशिप महिलाओं पर बच्चों से ज्यादा बोझ डालती है।
यह स्टडी 2013 की है, लेकिन 2024-2025 में भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। कई महिलाएं कह रही हैं “बिल्कुल सही!”, जबकि कुछ कहती हैं “सबके साथ नहीं होता”।
यह सिर्फ एक सर्वे है, हर रिलेशनशिप अलग होती है। लेकिन ये “मेंटल लोड” और “इक्वल पार्टनरशिप” की कमी को हाइलाइट करता है – जो महिलाओं के स्ट्रेस, बर्नआउट और मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है।
क्या आपके आसपास भी ऐसा ही है? या आपको लगता है बच्चों से ज्यादा स्ट्रेस आता है? कमेंट में बताएं – ये टॉपिक सच में डिस्कशन के लायक है! 😅💭
