उत्तराखंड

उत्तराखंड जनगणना 2026: 25 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू

उत्तराखंड जनगणना 2026: 25 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में बहुप्रतीक्षित जनगणना के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार की जनगणना न केवल डिजिटल होगी, बल्कि डेटा की गोपनीयता को लेकर भी बेहद सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।

महत्वपूर्ण तिथियां और कार्यक्रम

जनगणना कार्य निदेशालय की तैयारियों के अनुसार, कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

* 9 अप्रैल से 24 अप्रैल: जनता के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा उपलब्ध होगी।

* 25 अप्रैल से 24 मई: मकान सूचीकरण (House Listing) और गणना का मुख्य कार्य संपन्न किया जाएगा।

गोपनीयता का ‘कवच’: RTI और कोर्ट से भी बाहर

जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने डेटा सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जनगणना एक्ट के तहत:

* RTI के दायरे से बाहर: जनगणना की व्यक्तिगत जानकारी कोई भी व्यक्ति आरटीआई के जरिए हासिल नहीं कर सकेगा।

* कानूनी साक्ष्य नहीं: इन जानकारियों को पुलिस या न्यायालय में बतौर साक्ष्य (Evidence) इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

* कर्मचारियों पर पाबंदी: गणना कार्य में लगे कर्मचारी (Enumerators) किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं कर सकते।

डिजिटल सुरक्षा और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन

इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होनी है। डेटा को हैकिंग या लीक से बचाने के लिए ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ की प्रक्रिया अपनाई गई है। निदेशक के अनुसार, डेटा सिक्योरिटी को मजबूत करना ही जनगणना शुरू होने में हुई देरी की एक मुख्य वजह भी रही है।

कैसे जारी होगी रिपोर्ट?

जनगणना की रिपोर्ट व्यक्तिगत स्तर पर न होकर ‘एग्रीगेटर लेवल’ (सामूहिक स्तर) पर जारी की जाएगी। इसका मतलब है कि:

* यह पता चलेगा कि किसी वार्ड में कुल कितने लोग या बच्चे रहते हैं।

* लेकिन, यह जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी कि संबंधित व्यक्ति का नाम क्या है, उसके माता-पिता कौन हैं या वह किस विशिष्ट स्कूल में पढ़ता है।

विशेष नोट: इस बार जातिगत जनगणना की संभावनाओं के बीच जनता में डेटा के सार्वजनिक होने का डर था, जिसे विभाग ने सुरक्षा प्रोटोकॉल स्पष्ट कर दूर करने का प्रयास किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *