युद्ध की आग तुर्की तक पहुंची: ईरान ने NATO सदस्य देश पर बैलिस्टिक मिसाइलों से किया हमला
युद्ध की आग तुर्की तक पहुंची: ईरान ने NATO सदस्य देश पर बैलिस्टिक मिसाइलों से किया हमला
पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब और भयावह रूप लेता जा रहा है। ईरान ने आज (4 मार्च 2026) तुर्की की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो NATO का सदस्य देश है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 12 मिसाइलें तुर्की के पूर्वी इलाकों में गिराई गईं, जिसमें सीरिया सीमा के पास स्थित सैन्य ठिकाने निशाना बनाए गए। इससे NATO में हड़कंप मच गया है और तुर्की ने आपातकालीन बैठक बुलाई है।
यह हमला अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई के जवाब में देखा जा रहा है, जहां ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बयान जारी कर कहा कि “तुर्की NATO की कठपुतली बना हुआ है और सीरिया में ईरानी बलों पर हमलों में शामिल रहा है। हमारा जवाब और तेज होगा।” मिसाइलों में से कुछ को तुर्की की एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किया, लेकिन कम से कम 5 मिसाइलें लक्ष्य पर पहुंचीं, जिससे 20 से ज्यादा सैनिकों की मौत और दर्जनों घायल होने की खबर है।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने इसे “युद्ध की घोषणा” करार दिया और NATO से आर्टिकल 5 इनवोक करने की मांग की, जो एक सदस्य पर हमले को सभी पर हमला मानता है। NATO महासचिव ने आपात बैठक बुलाई है, जहां अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंधों और संभावित सैन्य सहायता की बात की है। फारस की खाड़ी में पहले से ही तनाव चरम पर है, जहां भारतीय जहाज भी फंसे हुए हैं।
इस हमले से वैश्विक तेल कीमतें फिर उछल गई हैं—क्रूड ऑयल $120 प्रति बैरल पार कर चुका है। भारत ने भी चिंता जताई है और अपने नागरिकों को तुर्की से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है। क्या यह संघर्ष विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहा है? स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। आगे क्या होता है, यह अगले कुछ घंटों में साफ होगा।
