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ईरान पर रुक नहीं रहे हमले… युद्ध चौथे दिन में प्रवेश, मौत का आंकड़ा 800 के पार!

ईरान पर रुक नहीं रहे हमले… युद्ध चौथे दिन में प्रवेश, मौत का आंकड़ा 800 के पार!

3 मार्च 2026: अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान पर हमलों का दौर जारी रखा है। युद्ध अब चौथे दिन में है, और स्थिति हर घंटे और खतरनाक होती जा रही है। तेहरान और बेरूत में एक साथ भारी बमबारी हो रही है, जबकि ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई में तेजी ला रहा है।

मुख्य अपडेट्स (लाइव न्यूज़ से):

ईरान में मौत का आंकड़ा: ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इज़राइल हमलों से अब तक 787 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इसमें नागरिक और सैन्य दोनों शामिल हैं। UN और IAEA ने नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर पहली बार हुए हमले की पुष्टि की है।

तेहरान और बेरूत पर हमले: इज़राइल ने कहा कि वह तेहरान और बेरूत में “सिमल्टेनियस स्ट्राइक्स” कर रहा है। ईरानी स्टेट ब्रॉडकास्टर पर भी हमला हुआ। IDF ने दावा किया कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम को बड़े पैमाने पर तबाह कर दिया गया है, और अब तेहरान के ऊपर एयर सुपीरियरिटी हासिल है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरान ने गल्फ स्टेट्स (UAE, कतर, बहरीन) पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में US एम्बेसी पर ड्रोन अटैक हुआ, जिसमें आग लगी लेकिन कोई हताहत नहीं। ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ईस्ट HQ पर भी ईरानी ड्रोन हमला। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी, जिससे ग्लोबल ऑयल प्राइस में भारी उछाल आया।

अमेरिका की तरफ से: US ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने एम्बेसी बंद कर दीं। अमेरिकी नागरिकों को मिडिल ईस्ट के 14 देशों से तुरंत निकलने की चेतावनी। पेंटागन ने कहा कि ईरानी हमलों में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए। ट्रंप ने कहा कि “बिग वेव” ऑफ स्ट्राइक्स अभी बाकी है, और यह युद्ध हफ्तों तक चल सकता है। उनका लक्ष्य: ईरान की मिसाइल, नेवी, न्यूक्लियर और प्रॉक्सी ग्रुप्स को खत्म करना।

लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन: इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी फोर्स बढ़ाई और कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। हिजबुल्लाह ने इज़राइल पर रॉकेट और ड्रोन अटैक किए।

मिनाब स्कूल ट्रेजडी: याद रहे, 28 फरवरी को मिनाब के लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 165 छात्राएं और स्टाफ मारे गए थे। आज वहां मास फ्यूनरल हुआ, जहां हजारों लोग रोते-बिलखते नजर आए। UNESCO ने इसे “ग्रेव वॉयलेशन ऑफ ह्यूमैनिटेरियन लॉ” बताया।

यह युद्ध अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा – पूरा मिडिल ईस्ट जल रहा है। ऑयल प्राइस आसमान छू रहे हैं, ग्लोबल मार्केट्स गिर रहे हैं, और दुनिया शांति की गुहार लगा रही है। ट्रंप और नेतन्याहू दोनों कह रहे हैं कि यह “रिजीम चेंज” का मिशन है, लेकिन ईरान हार मानने को तैयार नहीं।

क्या यह युद्ध और फैलेगा? या कोई डिप्लोमैटिक रास्ता निकलेगा? आप क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं।

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