राजनीति

अजित पवार प्लेन क्रैश: भतीजे रोहित पवार क्यों मांग रहे हैं केंद्रीय मंत्री नायडू का इस्तीफा? ‘कोई बड़ी हस्ती शामिल’ का दावा

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के प्लेन क्रैश (28 जनवरी 2026) से जुड़ा विवाद अब केंद्र तक पहुंच गया है। दिवंगत अजित पवार (महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम) के भतीजे और NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने लगातार हमला बोलते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू (TDP से) के इस्तीफे की मांग की है। रोहित ने PM मोदी को पत्र लिखा, प्रेस कॉन्फ्रेंस की, विरोध प्रदर्शन किए और बारामती थाने में FIR की मांग की।

मुख्य आरोप और कारण:

वीएसआर वेंचर्स कंपनी से कनेक्शन: क्रैश हुआ विमान (Learjet 45, VT-SSK) वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का था। रोहित का दावा है कि इस कंपनी के टीडीपी (नायडू की पार्टी) के नेताओं/कार्यकर्ताओं से वित्तीय और व्यावसायिक संबंध हैं। मंत्री ने पहले कंपनी को क्लीन चिट देने की कोशिश की (28 जनवरी बयान में DGCA की जांच पूरी बताई)।

जांच में पक्षपात का डर: रोहित कहते हैं कि मंत्री पद पर बने रहेंगे तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए जांच पूरी होने तक इस्तीफा दें, ताकि निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने इसे “राजनीतिक साजिश” या “कॉर्पोरेट साजिश” करार दिया और कहा कि “कोई बड़ी हस्ती शामिल” है।

डीजीसीए पर भी हमला: रोहित ने DGCA पर आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी को बचाने की कोशिश की, सुरक्षा मानदंड उल्लंघन छिपाए। अब DGCA ने VSR के 4 विमानों पर उड़ान रोक लगाई है, लेकिन रोहित कहते हैं कि ये देर से हुआ।

मांगें:

मंत्री नायडू का तत्काल इस्तीफा।

स्वतंत्र, समयबद्ध जांच (CBI या अंतरराष्ट्रीय भागीदारी वाली)।

FIR दर्ज कर आपराधिक जांच।

कंपनी के मालिक की गिरफ्तारी और VSR के सभी विमानों पर रोक।

पृष्ठभूमि:

हादसा: 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के पास मुंबई से आते विमान का क्रैश, अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत।

महाराष्ट्र सरकार ने CBI जांच का आग्रह किया, लेकिन रोहित इसे अपर्याप्त मानते हैं और केंद्र पर दबाव बना रहे हैं।

रोहित ने Sharad Pawar के दिल्ली घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, PM मोदी और अमित शाह को पत्र लिखा।

प्रतिक्रियाएं:

NCP (SP) और विपक्ष: इसे बड़ा मुद्दा बना रहे, “साजिश” का एंगल दे रहे।

TDP/बीजेपी: अभी कोई बड़ा जवाब नहीं, लेकिन जांच जारी बताई जा रही है।

स्थिति: महाराष्ट्र बजट सेशन में भी रोहित ने उठाया, बारामती में धरना-प्रदर्शन। राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।

ये मामला महाराष्ट्र की सियासत को और गरमा सकता है, खासकर NCP के अंदरूनी कलह और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर। रोहित की ये मांगें जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं। क्या केंद्र कोई बड़ा फैसला लेगा? समय बताएगा।

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