शराब घोटाला केस में CBI की काउंटर: निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची एजेंसी
शराब घोटाला केस में CBI की काउंटर: निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची एजेंसी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 21 आरोपियों को दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में बरी करने के कुछ घंटों बाद ही सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने आज (27 फरवरी 2026) दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है।
मुख्य बातें
सीबीआई का बयान: जांच एजेंसी ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने जांच के “कई महत्वपूर्ण पहलुओं” को या तो नजरअंदाज किया या उन पर पर्याप्त विचार नहीं किया। इसलिए “तुरंत” हाईकोर्ट में अपील की जा रही है।
अपील का आधार: सीबीआई का दावा है कि चार्जशीट में पेश किए गए सबूतों और जांच के कई क्रूसियल एंगल्स को कोर्ट ने ठीक से नहीं देखा। एजेंसी इसे “मिसकैरिज ऑफ जस्टिस” नहीं मान रही और कानूनी लड़ाई जारी रखने का इरादा जाहिर किया है।
निचली अदालत का फैसला: स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने 598 पेज के आदेश में सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ “प्राइमा फेसी” केस नहीं बनता, कोई साजिश या रिश्वत का ठोस सबूत नहीं है। जांच में “कमियां” और “अनुमान-आधारित” थ्योरी बताई गई। कोर्ट ने CBI अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी सिफारिश की।
केजरीवाल-सिसोदिया का पक्ष: AAP ने इसे “सत्य की जीत” बताया। केजरीवाल ने भावुक होकर कहा कि वे “कट्टर ईमानदार” हैं और यह राजनीतिक साजिश थी। पार्टी ने जश्न मनाया और केंद्र पर हमला बोला।
अभी बाकी क्या?: यह केवल CBI का केस था। ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला अलग से चल रहा है, जिसमें केजरीवाल और अन्य अभी भी आरोपी हैं। ED ने कहा कि उसकी जांच “स्टैंडअलोन” है और सबूत मजबूत हैं।
यह अपील मामले को लंबा खींच सकती है और दिल्ली की सियासत में नया ट्विस्ट ला सकती है। दोनों पक्ष अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
