स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर रोक, फैसला सुरक्षित रखा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत: गिरफ्तारी पर रोक, फैसला सुरक्षित रखा
जोतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अहम राहत मिली है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने आज उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि फैसला सुनाए जाने तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह अंतरिम सुरक्षा (interim protection from coercive action) प्रदान करते हुए दी गई है।
यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत है, जिसमें नाबालिगों के कथित यौन शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। एफआईआर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की शिकायत पर विशेष पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और इसे “झूठा” तथा “साजिश” करार दिया है। उन्होंने नार्को टेस्ट कराने की भी पेशकश की है ताकि सच्चाई सामने आए।
सुनवाई में क्या हुआ?
सुनवाई करीब एक घंटे चली, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
स्वामी के वकीलों ने आरोपों को आधारहीन बताया और जांच में सहयोग का वादा किया।
कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम फैसला मार्च के तीसरे हफ्ते में आ सकता है।
अदालत में फैसला सुनाते समय तालियां बजने की खबरें आईं, जो स्वामी के समर्थकों की खुशी दिखाती हैं।
श्री विद्या मठ और समर्थकों में खुशी
वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ में खुशी का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि यह न्याय की जीत है और साजिश का पर्दाफाश होगा। स्वामी ने कहा है कि वे संस्था की गरिमा बचाने के लिए हाईकोर्ट गए थे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
यह मामला काफी संवेदनशील है, जिसमें नाबालिगों की सुरक्षा और धार्मिक नेता पर गंभीर आरोप शामिल हैं। कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक स्थिति स्पष्ट होगी। क्या आपको लगता है कि यह केस राजनीतिक साजिश है या जांच की जरूरत है? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं! ⚖️🙏
