राजनीति

केजरीवाल के बरी होने पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं: अखिलेश-तेजस्वी ने BJP पर साधा निशाना, कांग्रेस ने उठाए सवाल

केजरीवाल के बरी होने पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं: अखिलेश-तेजस्वी ने BJP पर साधा निशाना, कांग्रेस ने उठाए सवाल

दिल्ली शराब घोटाले (एक्साइज पॉलिसी केस) में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी करने के बाद विपक्षी दलों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। ज्यादातर विपक्षी नेताओं ने फैसले का स्वागत किया और इसे BJP की “राजनीतिक साजिश” की हार बताया, जबकि कांग्रेस ने फैसले पर सवाल उठाए और इसे “पूर्व नियोजित स्क्रिप्ट” करार दिया।

समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव:

अखिलेश ने कोर्ट के फैसले का जोरदार स्वागत किया और BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आज सत्य और न्याय दोनों केजरीवाल के साथ खड़े हैं। BJP ने झूठे आरोप लगाकर लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन सच की जीत हुई।” उन्होंने AAP को बधाई दी और कहा कि यह फैसला विपक्षी एकता का संकेत है।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव:

तेजस्वी ने भी फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह “BJP की राजनीतिक बदले की कार्रवाई” का पर्दाफाश है। उन्होंने X पर लिखा, “केजरीवाल और सिसोदिया को बरी करना साबित करता है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा था। न्याय व्यवस्था ने सही फैसला दिया।”

तृणमूल कांग्रेस (TMC):

TMC ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह BJP द्वारा विपक्ष को निशाना बनाने का एक और उदाहरण है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केस राजनीतिक प्रतिशोध था और अब सच सामने आ गया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया (मिश्रित):

कांग्रेस ने फैसले पर सवाल उठाए। पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग ने कहा कि फैसले पर सवाल हैं और यह “राजनीतिक समझौता” लगता है। मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने AAP को BJP का “सुविधाजनक सहयोगी” बताया और कहा, “चुनाव आने वाले हैं, इसलिए कहानी पहले से तय है। BJP हर चुनाव से पहले ऐसा करती है।” कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “लोकतंत्र में आरोप सबूत का विकल्प नहीं हो सकते।” कांग्रेस ने इसे BJP की “इच्छाधारी नाग” वाली राजनीति बताया।

अन्य प्रतिक्रियाएं:

पंजाब CM भगवंत मान (AAP) ने कहा, “माननीय अदालत ने सच्चाई सबके सामने ला दी। AAP कट्टर ईमानदार है।”

BRS नेता KTR ने भी फैसले का स्वागत किया और कहा कि उनकी बहन K कविता को न्याय मिला।

विपक्षी नेताओं का ज्यादातर कहना है कि यह फैसला जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और राजनीतिक बदले की कार्रवाई का प्रमाण है। BJP ने इसे “तकनीकी मामला” बताकर हाईकोर्ट में अपील की बात कही है। क्या यह फैसला विपक्षी एकता को मजबूत करेगा या कांग्रेस-AAP में नई दरार पैदा करेगा? कमेंट में बताएं!

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