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इकोनॉमी की सबसे बड़ी खबर: तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही! नई सीरीज के तहत पहला डेटा, FY26 के लिए अनुमान बढ़कर 7.6%

इकोनॉमी की सबसे बड़ी खबर: तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही! नई सीरीज के तहत पहला डेटा, FY26 के लिए अनुमान बढ़कर 7.6%

भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया को चौंकाया! वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में रियल GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई है। यह आंकड़ा नई GDP सीरीज (बेस ईयर 2022-23) के तहत जारी किया गया पहला डेटा है, जो पहले के 2011-12 बेस ईयर से बदला गया है। पिछले साल की समान तिमाही में ग्रोथ 7.4% थी, यानी सालाना आधार पर सुधार हुआ है।

यह ग्रोथ बाजार के अनुमानों (7.2-7.4%) से बेहतर है, लेकिन दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के संशोधित 8.4% से थोड़ी कम है। फिर भी, वैश्विक अनिश्चितताओं (जैसे अमेरिकी टैरिफ, ट्रंप पॉलिसी) के बावजूद भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।

मुख्य हाइलाइट्स क्या हैं?

रियल GDP (कॉन्स्टेंट प्राइसेज): Q3 FY26 में ₹84.54 लाख करोड़ (पिछले साल ₹78.41 लाख करोड़), ग्रोथ 7.8%।

नॉमिनल GDP (करंट प्राइसेज): ₹90.91 लाख करोड़, ग्रोथ 8.9%।

रियल GVA: ₹77.38 लाख करोड़, ग्रोथ 7.8%।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज ने मुख्य ड्राइवर की भूमिका निभाई – मजबूत घरेलू मांग, त्योहारी सीजन, जीएसटी कटौती और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी से बूस्ट मिला।

पूरे FY26 के लिए अनुमान: अब 7.6% (पहले 7.4% था), जो FY25 के 7.1% से बेहतर है।

क्यों खास है यह डेटा?

यह पहली बार है जब MoSPI ने 2022-23 बेस ईयर वाली नई सीरीज से GDP जारी किया है।

पिछली तिमाहियों के आंकड़े भी रिवाइज्ड: Q2 अब 8.4% (पहले 8.2%), Q1 अब 6.7% (पहले 7.8%)।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई सीरीज ज्यादा ग्रैनुलर और एक्यूरेट है, लेकिन ओवरऑल ग्रोथ नैरेटिव में ज्यादा बदलाव नहीं आया।

भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, और यह डेटा निवेशकों-मार्केट्स के लिए पॉजिटिव सिग्नल है।

फाइनेंस मिनिस्टर और RBI के लिए भी राहत की बात है – यह दिखाता है कि घरेलू डिमांड और इंडस्ट्री मजबूत हैं। क्या आपको लगता है कि FY26 में 7.6% ग्रोथ हासिल होगी या और तेज होगी? कमेंट में बताएं!

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