हमदर्द की सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत: रूह अफजा को माना ‘फ्रूट ड्रिंक’, अब सिर्फ 4% VAT देना होगा, 12.5% नहीं!
हमदर्द की सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत: रूह अफजा को माना ‘फ्रूट ड्रिंक’, अब सिर्फ 4% VAT देना होगा, 12.5% नहीं!
देश की सबसे पॉपुलर शरबत कंपनी हमदर्द (वक्फ) लेबोरेटरीज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 24 फरवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए शरबत रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक / प्रोसेस्ड फ्रूट प्रोडक्ट माना है। इसका मतलब है कि उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट (UP VAT Act, 2008) के तहत इस पर अब 12.5% की बजाय सिर्फ 4% VAT लगेगा।
क्या था पूरा मामला?
हमदर्द ने 2007-08 और 2008-09 के असेसमेंट ईयर में रूह अफजा की बिक्री पर 4% VAT जमा किया था, क्योंकि कंपनी इसे फ्रूट ड्रिंक मानती है (Schedule II, Entry 103 के तहत)।
टैक्स अथॉरिटी और कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल ने इसे अनक्लासिफाइड आइटम मानकर 12.5% VAT (residuary entry) लगाया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी ट्रिब्यूनल के फैसले को सही ठहराया।
हमदर्द ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां कोर्ट ने कंपनी की दलीलें मानीं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
रूह अफजा में फ्रूट जूस और अन्य फ्रूट-बेस्ड इंग्रीडिएंट्स हैं, इसलिए यह फ्रूट ड्रिंक या प्रोसेस्ड फ्रूट कैटेगरी में आता है।
कई अन्य राज्यों में इसे लगातार कंसेशनल रेट (4%) पर क्लासिफाई किया गया है, जो हमदर्द की व्याख्या को मजबूत बनाता है।
कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया और हमदर्द की अपील मंजूर की।
फैसला: रूह अफजा पर UP VAT Act के तहत 4% VAT ही लगेगा (Entry 103, Schedule II)।
यह फैसला हमदर्द के लिए बड़ा टैक्स रिलीफ है, क्योंकि इससे पिछले सालों के टैक्स डिमांड और पेनल्टी पर भी असर पड़ सकता है। रूह अफजा, जो 1907 से बाजार में है, गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाला शरबत है – अब टैक्स कम होने से कीमतें स्थिर रहने या थोड़ी कम होने की उम्मीद है।
फायदे एक नजर में:
टैक्स रेट: 12.5% → 4% (काफी बचत!)
क्लासिफिकेशन: फ्रूट ड्रिंक / प्रोसेस्ड फ्रूट प्रोडक्ट
लागू: UP VAT Act के तहत (अन्य राज्यों में पहले से ही ऐसा ही है)
कंपनी: हमदर्द (वक्फ) लेबोरेटरीज
अगर आप रूह अफजा के शौकीन हैं, तो ये खबर आपके लिए भी अच्छी है – कम टैक्स मतलब बेहतर डील!
