हम इसका अध्ययन कर रहे हैं’ – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले पर भारत सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया
हम इसका अध्ययन कर रहे हैं’ – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले पर भारत सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया; वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, नए 10% टैरिफ और ट्रंप की घोषणाओं का गहन विश्लेषण जारी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ को गैरकानूनी ठहराने के बाद भारत सरकार ने सतर्कता बरती है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आज शाम आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “हम इसका अध्ययन कर रहे हैं”। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 6-3 बहुमत वाले फैसले और उसके बाद ट्रंप द्वारा की गई नई घोषणाओं (10% ग्लोबल टैरिफ) के संभावित प्रभावों का गहन अध्ययन किया जा रहा है।
मंत्रालय का पूरा बयान (मुख्य अंश):
“हमने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों पर गौर किया है।”
“अमेरिकी प्रशासन द्वारा घोषित नए कदमों के असर का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि भारतीय व्यापार, उद्योग, निर्यात और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।”
“सरकार सभी विकल्पों पर विचार कर रही है और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाएगी।”
क्या हुआ था?
20 फरवरी 2026: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से फैसला दिया कि IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत ट्रंप को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं था। यह टैरिफ 2025 में “Liberation Day” के तहत लगाए गए थे, जिसमें भारत पर 18% तक टैरिफ था।
फैसले से $160-175 बिलियन (लगभग 13-15 लाख करोड़ रुपये) के टैरिफ अवैध हो गए।
ट्रंप का तुरंत जवाब: कुछ घंटों बाद ही Section 122 ऑफ ट्रेड एक्ट 1974 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ साइन किया, जो 24 फरवरी से लागू होगा (150 दिनों तक)।
भारत पर अब टैरिफ 10% तक सीमित रह गया (पहले 18% था), लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत पर संभावित प्रभाव:
भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड डील (फरवरी 2026 में घोषित) प्रभावित हो सकती है।
निर्यात क्षेत्र (टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, ऑटो पार्ट्स, ज्वेलरी) में महंगाई या प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
रिफंड प्रक्रिया से अमेरिकी इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, लेकिन वैश्विक ट्रेड में अस्थिरता बढ़ सकती है।
भारत जैसे देशों के लिए ट्रेड स्ट्रैटेजी रिव्यू का समय आ गया है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अगुवाई में MEA और वाणिज्य मंत्रालय की टीम मिलकर स्थिति का आकलन कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत मजबूत स्थिति में है क्योंकि ट्रंप का नया टैरिफ पुराने से कम है, लेकिन लंबे समय में ट्रेड डील की शर्तें फिर से देखी जा सकती हैं।
ट्रंप ने कोर्ट को “फूल्स” और “अनपैट्रियॉटिक” कहा, जबकि भारत सरकार ने शांत और अध्ययन-आधारित रुख अपनाया है। आगे के अपडेट्स का इंतजार है।
