अलकनंदा नदी में दो बोटों की जोरदार टक्कर: धारी देवी क्षेत्र में मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा बाल-बाल टला
अलकनंदा नदी में दो बोटों की जोरदार टक्कर: धारी देवी क्षेत्र में मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा बाल-बाल टला
श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल): उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अलकनंदा नदी के धारी देवी मंदिर क्षेत्र में आज (20 फरवरी 2026) दो मोटरबोटों (स्पीड बोट) की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक बोट दूसरी के ऊपर चढ़ गई, जिससे नदी में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस समय बोटों में कोई पर्यटक या यात्री नहीं था—केवल चालक मौजूद थे। हादसा होते-होते टल गया, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या हुआ घटनाक्रम?
धारी देवी मंदिर के ठीक नीचे अलकनंदा नदी में दो स्पीड बोट तेज रफ्तार में चल रही थीं।
अचानक दोनों बोट एक-दूसरे के बेहद करीब आ गईं और आमने-सामने टकरा गईं।
टक्कर की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एक बोट का चालक संतुलन खो बैठा और सीधे नदी में गिर गया। दूसरी बोट कुछ देर अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही।
स्थानीय लोगों और राहत टीम ने तुरंत चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। कोई गंभीर चोट या मौत की खबर नहीं है।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में दिखता है कि एक लाल बोट तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि पीछे से नीली बोट आती हुई टक्कर मारती है। टक्कर के बाद एक बोट दूसरी पर चढ़ जाती है, और चालक पानी में उछलकर गिरता है। लोग चिल्लाते नजर आ रहे हैं, और कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्यों हुई टक्कर?
कुछ रिपोर्ट्स में इसे स्टंट या लापरवाही बताया जा रहा है।
चालकों की रेसिंग या तेज रफ्तार की वजह से टक्कर हुई मानी जा रही है।
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और बोटिंग सेफ्टी नियमों पर सवाल उठ रहे हैं।
धारी देवी क्षेत्र का महत्व
धारी देवी मंदिर अलकनंदा नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ है, जहां चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। नदी में बोटिंग एक लोकप्रिय एडवेंचर एक्टिविटी है, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।
वीडियो देखकर लोगों ने बोटिंग के दौरान सेफ्टी प्रोटोकॉल सख्त करने की मांग की है। क्या आपको लगता है कि अलकनंदा जैसी नदियों में स्पीड बोटिंग पर रोक लगनी चाहिए? या सिर्फ बेहतर ट्रेनिंग और नियम चाहिए? कमेंट में बताएं!
