सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ! चंपावत को साहसिक पर्यटन का राष्ट्रीय हब बनाने का बड़ा लक्ष्य
सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ! चंपावत को साहसिक पर्यटन का राष्ट्रीय हब बनाने का बड़ा लक्ष्य
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 फरवरी 2026 को देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर है, और यह महोत्सव केवल 7 दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का जीवंत उत्सव है। इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, ताकि शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिले।
मुख्य आकर्षण और साहसिक गतिविधियां
महोत्सव में चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन का हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शामिल होंगी:
पैराग्लाइडिंग
माउंटेन बाइकिंग
हॉट एयर बलून
रिवर राफ्टिंग
पैरामोटरिंग
पक्षी अवलोकन
ट्रेकिंग
ये गतिविधियां युवाओं को नए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।
विकास कार्यों की लंबी सूची
मुख्यमंत्री ने चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए चल रहे प्रमुख प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी:
जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन – स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा विस्तार।
मल्टीस्टोरी पार्किंग और सड़कों के सुदृढ़ीकरण से जाम की समस्या पर निर्णायक प्रहार।
मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत देवीधूरा वाराही मंदिर का तेज विकास।
माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए 45 करोड़ रुपये का रोपवे निर्माण – धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई।
टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकास – शारदा कॉरिडोर से माँ पूर्णागिरी, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे स्थलों को जोड़ेगा।
टनकपुर–जौलजीबी मार्ग पर 55 करोड़ से स्पान आर्च पुल और 33 करोड़ से सड़क सुधारीकरण कार्य जारी।
भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट – क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ताकत।
57 करोड़ से साइंस सेंटर निर्माण – विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा।
चूका को वेडिंग डेस्टिनेशन और वे-साइड एमेनिटीज सेंटर का विकास तेज।
सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व
महोत्सव में मधुबनी चित्रकला, आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम, खाद्य उत्सव और जागरूकता कार्यशालाएं होंगी। स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देकर ‘Vocal for Local’ से ‘Local for Global’ की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काली कुमाऊँ की बैठकी होली, खड़ी होली और चौफुला जैसी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान देश में विरल है।
जिम कॉर्बेट का ऐतिहासिक महत्व
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर बाघिन का अंत कर जिम कॉर्बेट ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी। यही वजह है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का केंद्र है।
मुख्यमंत्री का संकल्प
“विकास भी और विरासत भी” के संकल्प के साथ चंपावत को आदर्श जिला बनाने की घोषणा करते हुए धामी ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चंपावत की जनता से सहयोग की अपील की और विश्वास जताया कि ये प्रयास उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। महोत्सव के दौरान चंपावत में उत्साह और उमंग का माहौल है – होली के पर्व से ठीक पहले यह आयोजन काली कुमाऊँ की संस्कृति को नई पहचान दे रहा है!
