मैथ्स का पेपर बिगड़ा तो भी नहीं होगा साल खराब! CBSE देगा मार्क्स सुधारने का दूसरा मौका – जानिए पूरी डिटेल्स
मैथ्स का पेपर बिगड़ा तो भी नहीं होगा साल खराब! CBSE देगा मार्क्स सुधारने का दूसरा मौका – जानिए पूरी डिटेल्स
CBSE बोर्ड एग्जाम 2026 में मैथ्स पेपर को लेकर स्टूडेंट्स काफी परेशान हैं – कई ने इसे लंबा, मुश्किल और टफ बताया है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि अब साल खराब नहीं होगा! CBSE ने 2025-26 सेशन से क्लास 10 के लिए दो बोर्ड एग्जाम सिस्टम लागू किया है। पहला मुख्य एग्जाम फरवरी-मार्च में हो रहा है, और दूसरा मई 15 से जून 1, 2026 तक होगा – ये सुधार (improvement) और कंपार्टमेंट (supplementary) दोनों के लिए है।
क्या-क्या कर सकते हैं स्टूडेंट्स?
अगर मैथ्स (या कोई और सब्जेक्ट) का पेपर उम्मीद से कमजोर गया, तो आप मार्क्स सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं।
अनुमति: पास होने के बाद अप टू 3 सब्जेक्ट्स में सुधार कर सकते हैं – मैथ्स, साइंस, सोशल साइंस और लैंग्वेजेज में से चुनें।
कंपार्टमेंट केस: अगर पहली परीक्षा में 1 या 2 सब्जेक्ट में फेल हो गए, तो कंपार्टमेंट कैटेगरी में दूसरी परीक्षा दे सकते हैं और पास होकर साल बचा सकते हैं।
बेस्ट ऑफ दो: कई मामलों में बेहतर स्कोर वाला रिजल्ट फाइनल माना जाएगा (सुधार के लिए)।
नोट: पहली परीक्षा में 3 या ज्यादा सब्जेक्ट मिस/फेल करने पर “Essential Repeat” कैटेगरी में आ सकते हैं, और फिर अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए पहली परीक्षा जरूर दें!
कैसे अप्लाई करें?
रिजल्ट आने के बाद (मई 2026 में) CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन ओपन होगा।
फीस जमा करके फॉर्म भरें – डिटेल्स जल्द जारी होंगी।
दूसरी परीक्षा का सिलेबस, पैटर्न और क्वेश्चन फॉर्मेट वही रहेगा।
क्लास 12 के लिए अलग नियम
क्लास 12 में सुधार के लिए सिर्फ एक सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम (जुलाई 2026 में) दे सकते हैं। ज्यादा सुधार के लिए अगले साल का मुख्य एग्जाम देना होगा।
ये बदलाव NEP 2020 के तहत लाए गए हैं, ताकि एक एग्जाम से पूरा साल खराब न हो और स्टूडेंट्स को कम स्ट्रेस मिले। मैथ्स पेपर टफ लगा तो भी घबराएं नहीं – दूसरा मौका है! तैयारी जारी रखें, और अगर जरूरत पड़ी तो मई में दोबारा ट्राई करें। स्टूडेंट्स, आपका क्या प्लान है? कमेंट में बताएं!
