उत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र: गैरसैंण में 9 से 13 मार्च तक होगा आयोजन, विपक्ष ने 21 दिनों की मांग की, सत्ता पक्ष ने दिया जवाब

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र: गैरसैंण में 9 से 13 मार्च तक होगा आयोजन, विपक्ष ने 21 दिनों की मांग की, सत्ता पक्ष ने दिया जवाब

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैण) में आगामी विधानसभा बजट सत्र 9 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। शासन और विधानसभा स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं, जबकि राजनीतिक दलों में घमासान शुरू हो चुका है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, मनरेगा कानून की बहाली और राजधानी गैरसैंण जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, सत्र की अवधि को लेकर कांग्रेस ने 5 दिनों को नाकाफी बताते हुए कम से कम 21 दिनों तक चलाने की मांग की है।

सत्र की तिथियों पर राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग ने विधानसभा सचिव को तिथियां तय कर पत्र भेज दिया है। अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए लोकभवन को पत्र भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही विधानसभा सचिव की ओर से अंतिम तिथियों का ऐलान होगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने बताया कि पिछले साल गैरसैंण में सत्र नहीं हो पाया क्योंकि विधानसभा भवन का मेंटेनेंस कार्य चल रहा था। अब काम पूरा हो चुका है, इसलिए इस बार सत्र गैरसैंण में ही होगा। उन्होंने कहा, “सत्र की तिथियों से संबंधित पत्र मिल गया है, राज्यपाल की मंजूरी के बाद ऐलान कर दिया जाएगा।”

विपक्ष की मांग: सत्र कम से कम 21 दिन चले

कांग्रेस ने सत्र की अवधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 दिन में जनता के मुद्दों पर गहन चर्चा नहीं हो सकती। बदरीनाथ से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सदन की कार्यवाही कम से कम 21 दिन तक चलनी चाहिए। इससे मुद्दों पर बेहतर मंथन होगा और विपक्ष जनता की आवाज उठा सकेगा। सरकार का दायित्व है कि विपक्ष के सवालों का निदान करे।” उन्होंने सरकार पर डरपोक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले सत्रों में सोमवार को कार्यवाही नहीं होने दी जाती थी, लेकिन इस बार सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, हालांकि पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। बुटोला ने पिछले सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि अनुपूरक बजट बांटकर सरकार चली गई, जबकि कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

मुख्यमंत्री का जवाब: समावेशी बजट पेश करने का प्रयास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट सत्र से पहले प्री-बजट कंसल्टेशन चल रहा है। विभिन्न वर्गों जैसे व्यापारियों, किसानों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और जनप्रतिनिधियों के विचार लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “समाज के सभी आयामों को समाहित कर अच्छा बजट पेश करने का प्रयास है।”

बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस विधायक गैरसैंण में रुकते क्यों नहीं?

बीजेपी विधायक विनोद चमोली (धर्मपुर) ने कांग्रेस की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्र की अवधि बिजनेस पर निर्भर करती है। कार्यमंत्रणा समिति में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह सहित सत्ता पक्ष के सदस्य मिलकर फैसला लेते हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस विधायक गैरसैंण पहुंचते ही वापस आने की तैयारी में लग जाते हैं और सत्र चलने नहीं देते। अगर ज्यादा दिन रहने से बेहतर होगा तो कांग्रेस विधायक वहां रुकते क्यों नहीं? सत्र उतने ही दिन चलेगा जितना टास्क होगा।”

यह सत्र उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्यय पेश किया जाएगा और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी। राजनीतिक दलों की रणनीतियां सत्र को और गर्माहट प्रदान कर सकती हैं। क्या विपक्ष की मांग मानी जाएगी या 5 दिनों में ही सत्र समाप्त होगा?

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