पाकिस्तान को अब नहीं मिलेगा रावी नदी का अतिरिक्त पानी! शाहपुर कंडी बैराज से PAK की गर्मियां भारी पड़ने वाली हैं
पाकिस्तान को अब नहीं मिलेगा रावी नदी का अतिरिक्त पानी! शाहपुर कंडी बैराज से PAK की गर्मियां भारी पड़ने वाली हैं
भारत-पाकिस्तान के बीच पानी का मुद्दा फिर गरमाया हुआ है! जम्मू-कश्मीर के जल संसाधन मंत्री जावेद अहमद राणा ने 17-18 फरवरी 2026 को घोषणा की कि शाहपुर कंडी बैराज (Shahpur Kandi Barrage) 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके चालू होते ही रावी नदी का अतिरिक्त पानी (surplus/excess water) पाकिस्तान की ओर बहना पूरी तरह बंद हो जाएगा। यह पानी अब पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सूखाग्रस्त इलाकों (खासकर कठुआ और सांबा जिले) में सिंचाई और पावर जेनरेशन के लिए इस्तेमाल होगा।
क्या है पूरा मामला?
इंडस वाटर्स ट्रीटी (1960) के तहत रावी, ब्यास और सतलुज (पूर्वी नदियां) पर भारत का पूरा अधिकार है, जबकि इंडस, झेलम और चेनाब (पश्चिमी नदियां) पाकिस्तान को मिलती हैं।
सालों से भारत में स्टोरेज और डायवर्जन की कमी के कारण रावी का अतिरिक्त पानी माधोपुर (पंजाब) से पाकिस्तान में चला जाता था – अनुमानित 1150-1200 क्यूसेक पानी बर्बाद हो रहा था।
अब शाहपुर कंडी बैराज (पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर) बनने से यह पानी रोका जाएगा।
लाभ भारत को: 32,000+ हेक्टेयर भूमि (कठुआ-सांबा) और पंजाब में 5,000+ हेक्टेयर में सिंचाई, साथ ही हाइड्रोपावर।
इंडस ट्रीटी सस्पेंड: अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले (26 मौतें) के बाद भारत ने ट्रीटी को “अबेयेंस” (निलंबित) कर दिया था, जिससे पश्चिमी नदियों पर भी प्रोजेक्ट्स तेज हुए। लेकिन रावी पर यह प्रोजेक्ट ट्रीटी के बाहर है, क्योंकि रावी भारत की है।
पाकिस्तान पर क्या असर?
गर्मियों में पानी की कमी और बढ़ सकती है – पहले से सिंधु ट्रीटी सस्पेंशन से परेशान पाकिस्तान अब रावी के अतिरिक्त पानी से भी वंचित होगा।
पाकिस्तान की कृषि (GDP का बड़ा हिस्सा) और पीने के पानी पर असर पड़ सकता है, खासकर पंजाब प्रांत में जहां रावी महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान ने इसे “वॉटर वेपनाइजेशन” बताया है, लेकिन भारत का कहना है कि यह अपना अधिकार इस्तेमाल कर रहा है – कोई नया पानी छीनना नहीं, बल्कि बर्बाद होने वाला पानी रोकना है।
यह कदम भारत की पानी सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी नीति का हिस्सा लगता है। क्या पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा या कोई नया विवाद होगा? अपडेट्स आते रहेंगे! 🇮🇳💧 क्या आपको लगता है यह सही कदम है? कमेंट में बताएं!
