उत्तराखंड में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: राजभवन कूच, बढ़ते अपराध-कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना
उत्तराखंड में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: राजभवन कूच, बढ़ते अपराध-कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, महिला उत्पीड़न, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जंगली जानवरों के आतंक के खिलाफ कांग्रेस आज सड़कों पर उतर आई। 16 फरवरी 2026 (सोमवार) को हजारों कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड में जनसभा की और फिर लोक भवन (राजभवन) की ओर कूच किया। प्रदर्शन में पार्टी के दिग्गज नेता – प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत और प्रचार समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
मुख्य बिंदु और नेताओं के बयान:
यशपाल आर्य (नेता प्रतिपक्ष): “प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार ने जनादेश का अपमान किया। राज्य में जंगल राज कायम है, कानून व्यवस्था ध्वस्त। रोजगार खत्म, पलायन जारी, स्कूल-हॉस्पिटल बदहाल। आपदा प्रभावितों को अभी तक राहत नहीं। धराली में 140 शव जमींदोज हैं, सरकार चुप। यह जन सैलाब कुशासन के खिलाफ है।”
करन माहरा (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष): “अपराधी बेखौफ होकर गोलियां चला रहे हैं। महिला अपराध बढ़े, भर्ती घोटाले, पेपर लीक, नकल माफिया। किसान-युवा मायूस। कांग्रेस अब निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।”
हरक सिंह रावत: “देहरादून में 15 दिन में 5 हत्याएं। पहाड़ों में जंगली जानवरों का आतंक। कांग्रेस अमन-चैन, रोजगार, पेपर लीक रोकने और माफियाओं से मुक्ति के लिए लड़ी।”
प्रदर्शन का क्रम:
परेड ग्राउंड में जनसभा: प्रदेश भर से कार्यकर्ता पहुंचे, मंच से जोश भरा संबोधन।
लोक भवन कूच: हाथी बड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़े, नारेबाजी की।
रात भर में कांग्रेस के पोस्टर-बैनर हटाए गए, लेकिन पार्टी ने कहा – “आंदोलन रुकेगा नहीं।”
कांग्रेस ने इसे “कुशासन मुक्ति संग्राम” का नाम दिया है और आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। भाजपा ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया, लेकिन सड़कों पर कांग्रेस का जन सैलाब साफ दिखा कि 2027 चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाने लगा है।
