एंजेल चकमा हत्याकांड: 649 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, फरार आरोपी पर रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
देहरादून: एंजेल चकमा हत्याकांड में बड़ा अपडेट! देहरादून पुलिस ने त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले में कोर्ट में 649 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट दो नाबालिग समेत पांच गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ है, जबकि मुख्य फरार आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी तेज हो गई है।
मामले की मुख्य डिटेल्स:
घटना: 9 दिसंबर 2025 को देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में एक शराब की दुकान के बाहर झगड़े के दौरान एंजेल चकमा पर चाकू से हमला हुआ। आरोपी ने कथित तौर पर जातिवादी/नस्लीय गालियां दीं (जैसे ‘चिंकी’, ‘मोमोज’ आदि)। एंजेल गंभीर रूप से घायल होकर 17 दिन ICU में रहे और 26 दिसंबर 2025 को उनकी मौत हो गई।
चार्जशीट: 8 फरवरी 2026 को कोर्ट में दाखिल। इसमें पांच आरोपी – अविनाश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज खवास, आयुष बडोनी और सुमित (दो नाबालिग बाल सुधार गृह में) – शामिल। चार्जशीट में हत्या (धारा 103 BNS), साजिश और अन्य धाराएं लगाई गई हैं।
फरार आरोपी: मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी (नेपाल भागने की आशंका) अभी फरार। पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (Interpol) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले 1 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
जांच: पुलिस ने SIT गठित की है। मामले में नस्लीय हमले के आरोप हैं, लेकिन SSP ने शुरुआत में ‘नस्लीय’ से इनकार किया था (केवल जातिवादी गालियां बताईं), जिस पर परिवार और पूर्वोत्तर समुदाय ने विरोध किया। अब चार्जशीट में सभी सबूत शामिल हैं।
प्रतिक्रिया: पूर्वोत्तर के छात्रों ने कैंडल मार्च निकाले, सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल। केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार ने सख्त कार्रवाई का वादा किया।
यह मामला पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों के खिलाफ नस्लीय हिंसा और हेट क्राइम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष है और जल्द न्याय मिलेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।
