लोन की किस्त चूकते ही धमकी-भरी कॉल और अपमान खत्म! RBI ने कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाई सख्त लगाम, नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू
लोन की किस्त चूकते ही धमकी-भरी कॉल और अपमान खत्म! RBI ने कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाई सख्त लगाम, नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू
नई दिल्ली: अब लोन डिफॉल्ट होने पर रिकवरी एजेंटों की धमकी भरी कॉल, अपशब्द, घर पहुंचकर दबाव या रिश्तेदारों को परेशान करने की घटनाएं अतीत बन सकती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदारों की सुरक्षा के लिए कर्ज वसूली एजेंटों के कामकाज पर सख्त नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। यह मसौदा RBI (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Second Amendment Directions, 2026 नाम से 12 फरवरी 2026 को जारी हुआ, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
मुख्य नियम और प्रतिबंध क्या हैं?
कॉल का समय तय: रिकवरी एजेंट या बैंक कर्मचारी केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकेंगे। शाम 7 बजे के बाद कोई कॉल या विजिट नहीं।
धमकी, अपमान और उत्पीड़न पर पूर्ण प्रतिबंध: एजेंट अपमानजनक/धमकी भरी भाषा, गाली-गलौज, हिंसा की धमकी, झूठी जानकारी देना, अनाम कॉल, बार-बार परेशान करना, सोशल मीडिया पर अनुचित मैसेज या सार्वजनिक अपमान नहीं कर सकेंगे।
रिश्तेदारों/दोस्तों पर दबाव नहीं: एजेंट कर्जदार के परिवार, रिश्तेदारों, सहकर्मियों या रेफरी को परेशान नहीं कर सकेंगे। तीसरे पक्ष से संपर्क सीमित और जरूरी मामलों तक ही।
सभी कॉल रिकॉर्ड अनिवार्य: हर रिकवरी कॉल रिकॉर्ड की जाएगी, ताकि शिकायत होने पर सबूत उपलब्ध हो।
एजेंट की योग्यता और प्रमाणन: रिकवरी एजेंट को IIBF (Indian Institute of Banking & Finance) से अनिवार्य सर्टिफिकेशन लेना होगा। बैंक को बैकग्राउंड चेक, ट्रेनिंग और कोड ऑफ कंडक्ट का पालन सुनिश्चित करना होगा।
बैंक की जिम्मेदारी: बैंक को बोर्ड-अप्रूव्ड रिकवरी पॉलिसी बनानी होगी। एजेंट की पहचान लिखित में कर्जदार को बतानी होगी। शिकायत निवारण सिस्टम मजबूत होगा।
क्यों आए ये नियम?
RBI ने फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के बजट 2026 भाषण के बाद ये कदम उठाया। लाखों कर्जदारों की शिकायतें आती रही हैं कि एजेंट घर पहुंचकर, रात में कॉल करके या परिवार को धमकाकर मानसिक उत्पीड़न करते हैं। ये नियम सभी कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक, RRBs और लोकल एरिया बैंकों पर लागू होंगे।
क्या होगा आगे?
पब्लिक से 4 मार्च 2026 (कुछ रिपोर्ट्स में 6 मार्च) तक सुझाव मांगे गए हैं।
नियम लागू होने के बाद उल्लंघन पर बैंक पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह कदम कर्जदारों के लिए बड़ी राहत है, खासकर पर्सनल लोन, होम लोन या MSME लोन डिफॉल्टर्स के लिए।
अब वसूली ‘सिविल’ और पारदर्शी होगी – गुंडागर्दी नहीं चलेगी! अधिक जानकारी के लिए RBI की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करें। क्या आपको भी रिकवरी एजेंट से परेशानी हुई है?
