लापता नहीं, गिरफ्तार हुए सपा प्रवक्ता मनोज यादव: बाराबंकी पुलिस ने धमकी और जातिसूचक शब्दों के केस में किया एक्शन, दो दिन से परिवार को नहीं पता था
लापता नहीं, गिरफ्तार हुए सपा प्रवक्ता मनोज यादव: बाराबंकी पुलिस ने धमकी और जातिसूचक शब्दों के केस में किया एक्शन, दो दिन से परिवार को नहीं पता था
बाराबंकी/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा देने वाली घटना में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव उर्फ बबलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआत में उनके परिवार और पार्टी ने उन्हें लापता बताया था, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि वे लापता नहीं थे, बल्कि बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र में एक पुराने आपराधिक मामले में गिरफ्तार किए गए थे।
क्या है पूरा मामला?
11 फरवरी 2026 को सफदरगंज थाने में मनोज यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप हैं: किसी व्यक्ति को धमकी देना, जातिसूचक शब्दों (अपमानजनक जातिगत गाली) का इस्तेमाल करना, और कुछ रिपोर्टों में छेड़छाड़ (मोलेस्टेशन) तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत धाराएं भी लगाई गई हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद वे लापता दिखे क्योंकि 12 फरवरी को वे लखनऊ के काकोरी इलाके में एक तिलक समारोह में गए थे और रात में घर नहीं लौटे।
उनकी पत्नी प्रभा यादव ने गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर उनकी तलाश की अपील की।
जांच में उनकी लोकेशन बाराबंकी में मिली। लखनऊ एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने शुक्रवार (13 फरवरी 2026) सुबह सफदरगंज इलाके से उन्हें हिरासत में लिया और सफदरगंज पुलिस को सौंप दिया। गिरफ्तारी तिलक कार्यक्रम से लौटते समय हुई, जिसकी वजह से परिवार को तुरंत जानकारी नहीं मिली।
पुलिस का पक्ष:
बाराबंकी पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि मनोज यादव को पुराने केस में गिरफ्तार किया गया है। वे लापता नहीं थे, बल्कि मुकदमे के चलते फरार चल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें बाराबंकी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सपा का रिएक्शन:
पार्टी सूत्रों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। मनोज यादव टीवी डिबेट्स में सक्रिय रहते हैं और सपा का मजबूत पक्ष रखते हैं। पार्टी का कहना है कि यह विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।
यह घटना यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ रही है, जहां पुराने केसों में गिरफ्तारियां अक्सर राजनीतिक रंग ले लेती हैं। जांच जारी है और आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
