भारत की सबसे बड़ी रक्षा डील को मंजूरी: 114 राफेल जेट और 6 P-8I एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे, 3.25 लाख करोड़ की मेगा डील
भारत की सबसे बड़ी रक्षा डील को मंजूरी: 114 राफेल जेट और 6 P-8I एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे, 3.25 लाख करोड़ की मेगा डील
नई दिल्ली: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने गुरुवार को भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों और 6 P-8I पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद को हरी झंडी मिल गई। इस डील की अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपये है, जो भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में भारी इजाफा करेगी।
राफेल डील फ्रांस की कंपनी डासॉल्ट एविएशन के साथ होगी। इसमें से 18 विमान फ्लाई-अवे कंडीशन में फ्रांस से सीधे आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही मैन्युफैक्चर किए जाएंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी। यह खरीद मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल हैं, और नौसेना के लिए 26 राफेल-एम (मरीन वेरिएंट) की डील पहले हो चुकी है। 114 नए जेट्स से कुल राफेल बेड़ा 176 तक पहुंच जाएगा, जो वायुसेना की स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ को मजबूत करेगा।
इसके साथ ही अमेरिका से 6 अतिरिक्त P-8I पोसीडॉन विमान खरीदे जाएंगे। भारतीय नौसेना के पास पहले से 12 P-8I हैं, जो लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम सर्विलांस और एंटी-सबमरीन वारफेयर में माहिर हैं। ये नए विमान हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
DAC ने राफेल के लिए अतिरिक्त SCALP क्रूज मिसाइल और Meteor मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी दी है, जो इन जेट्स को और घातक बनाएंगे। यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17-20 फरवरी की भारत यात्रा से ठीक पहले आया है, जहां डील को फाइनल शेप दिया जा सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगी, खासकर पूर्वी लद्दाख और हिंद महासागर में बढ़ते खतरे के बीच। अब प्रस्ताव कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास जाएगा, जहां अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नेगोशिएशन शुरू होंगे। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और वैश्विक रक्षा साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
