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कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: आरोपी शिवम मिश्रा को जमानत, 20 हजार के मुचलके पर रिहा; पुलिस की रिमांड खारिज

कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: आरोपी शिवम मिश्रा को जमानत, 20 हजार के मुचलके पर रिहा; पुलिस की रिमांड खारिज

कानपुर: तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। एसीएमएम कोर्ट ने आज उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली और पुलिस की 14 दिन की रिमांड अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत ने शिवम को 20,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने का आदेश दिया।

पुलिस ने कोर्ट में दावा किया था कि शिवम ने जानबूझकर तेज रफ्तार में कार चलाई, जिससे दो बाइक सवारों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। जांच में पता चला कि हादसे के समय शिवम ने लाइसेंस के बिना लैंबॉर्गिनी चलाई थी और शराब पीकर ड्राइविंग की। पुलिस ने मोबाइल फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर हत्या के इरादे से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया था।

हालांकि, शिवम के वकील ने कोर्ट में कहा कि यह दुर्घटना थी, कोई पूर्व नियोजित हत्या नहीं। उन्होंने दावा किया कि शिवम ने तुरंत मदद की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। वकील ने यह भी कहा कि शिवम युवा है, कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जांच में सहयोग कर रहा है। कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी को अपर्याप्त सबूतों के आधार पर खारिज कर दिया और जमानत देते हुए सख्त शर्तें लगाईं – शिवम को हर जांच में पेश होना होगा, गवाहों से संपर्क नहीं करना होगा और शहर से बाहर जाने पर अनुमति लेनी होगी।

यह मामला 5 फरवरी 2026 को कानपुर के गोविंद नगर इलाके में हुआ था, जब शिवम मिश्रा ने अपनी लैंबॉर्गिनी से दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। दोनों की मौके पर मौत हो गई, जबकि शिवम घायल होकर अस्पताल पहुंचा। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कार की भयानक स्पीड दिखी थी, जिससे जनाक्रोश बढ़ा था।

पुलिस अब चार्जशीट तैयार करने में जुटी है। जमानत मिलने के बाद शिवम को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। परिवार और दोस्तों ने राहत की सांस ली है, जबकि पीड़ित परिवार ने फैसले पर नाराजगी जताई है। यह केस तेज रफ्तार, लग्जरी कारों की सुरक्षा और युवाओं में रेसिंग कल्चर पर बहस छेड़ रहा है।

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