असम चुनाव से पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी: अब 2.49 करोड़ पंजीकृत मतदाता, ड्राफ्ट से 2.43 लाख नामों में आई कमी!
असम चुनाव से पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी: अब 2.49 करोड़ पंजीकृत मतदाता, ड्राफ्ट से 2.43 लाख नामों में आई कमी!
गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची (फाइनल इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित कर दी है। विशेष संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी इस सूची में कुल 2,49,58,139 मतदाता शामिल हैं, जो ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले 2,43,485 नामों की कमी दर्शाती है। ड्राफ्ट में कुल मतदाता 2,52,01,624 थे, जो अब घटकर 2.49 करोड़ हो गए हैं।
मुख्य आंकड़े (फाइनल लिस्ट):
कुल मतदाता: 2,49,58,139
पुरुष मतदाता: 1,24,82,213
महिला मतदाता: 1,24,75,583
थर्ड जेंडर मतदाता: 343
कुल 126 विधानसभा क्षेत्रों पर लागू
यह कमी मुख्य रूप से मृत मतदाताओं, स्थानांतरित (शिफ्टेड) मतदाताओं और डुप्लीकेट एंट्रीज को हटाने से आई है। SIR के दौरान घर-घर सर्वे, दावे-आपत्तियां (27 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक) और सत्यापन के बाद ये सुधार किए गए। इससे पहले दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट में भी करीब 10.56 लाख नाम हटाए गए थे, लेकिन फाइनल में अतिरिक्त 2.43 लाख की कटौती हुई।
क्यों आई कमी?
मृत मतदाता: हजारों नाम हटाए गए।
शिफ्टेड/माइग्रेटेड: नए पते पर नहीं ट्रांसफर होने वाले नाम कटे।
डुप्लीकेट एंट्रीज: एक ही व्यक्ति के कई नाम हटाए गए।
चुनाव आयोग का दावा: यह ‘क्लीन’ और ‘सटीक’ लिस्ट है, जो चुनाव की विश्वसनीयता बढ़ाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने इसे ‘सफाई अभियान’ बताया और कहा कि इससे घुसपैठियों और फर्जी वोटरों पर लगाम लगेगी।
विपक्ष (कांग्रेस, AIUDF) ने इसे ‘चुनिंदा सफाई’ करार दिया और दावा किया कि अल्पसंख्यक इलाकों (जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों) में ज्यादा नाम कटे हैं, जिससे बंगाली मुस्लिम समुदाय प्रभावित हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि बेदखली (eviction) प्रभावित परिवारों के नाम भी कटे, क्योंकि पता बदल गया था।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी थीं और दावे-आपत्तियां का पूरा मौका दिया गया।
असम में विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं, जहां 126 सीटों पर 2.49 करोड़ वोटर फैसला करेंगे। फाइनल लिस्ट अब आधिकारिक रूप से उपयोग होगी। मतदाता CEO असम की वेबसाइट (ceoassam.nic.in) पर अपना नाम चेक कर सकते हैं। यह बदलाव चुनावी माहौल को और गर्मा सकता है, क्योंकि वोटर लिस्ट हमेशा राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। क्या यह कमी BJP के लिए फायदेमंद साबित होगी या विपक्ष इसे मुद्दा बनाएगा? आने वाले महीनों में साफ होगा!
